बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए तेजस्वी पूरी तरह तैयार हैं

राजनीति

पटना: नीतीश कुमार की बातों और उनके क्रियाकलाप से ऐसा लग रहा है कि वो देश एवं प्रदेश के हालात को लेकर चिंतित हैं। आज के बिहार संवादी कार्यक्रम में उनके संबोधन से तो यही लगता है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा की देश मे आपसी प्रेम सौहार्द और भाईचारा बना रहे इसके लिए सबको मिल कर प्रयास करना चाहिए। उनके इस बात के बाद से राजनीतिक गलियारे में जम कर चर्चा होने लगी है कि नीतीश कुमार वर्तमान माहौल में देश प्रदेश के हालात से चिंतित हैं।

पटना के श्रीकृष्ण स्मारक भवन में मोदी विरोधियों का जमावड़ा लगा। इस जुटान में भाजपा के विक्षुबधों सहित विपक्षी दल के नेताओं ने जम कर मोदी सरकार की कमी और खामियों को चुन चुन कर देशबके सामने रखा। मोदी के नेतृत्व को 40 चोरों का जमात तक कहने से परहेज नहीं किया गया। वहीं एक अन्य कार्यक्रम में देश मे बढ़ते आक्रोश को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चिंता भी सामने आई। ये दोनों ही घटना भाजपा तथा प्रधानमंत्री मोदी के भविष्य के लिए ठीक नहीं है।

पटना में आयोजित​‘बिहार संवादी’ कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के तौर पर उद्घाटन भाषण में नीतीश कुमार ने कहा कि देश में संवाद और बहस दोनों जरूरी हैं। लेकिन देश में तनाव का जो माहौल बन रहा है, वह दुखद है। इस क्षेत्र में साकारात्मकता के साथ काम करने की बड़ी ज़रूरत है। इतने बड़े मंच पर मुख्यमंत्री ने जो कहा उसका संदेश बिल्कुल स्पष्ट है। उनकी इस चिंता से साफ होता है की नीतीश कुमार खुले तौर पर कार्यक्रम में पधारे कला, साहित्य से जुड़े विद्वानों का आह्वान कर रहे हो। सब कोई मिल कर देश मे अमन चैन प्रेम और भाईचारा बहाल रखने का प्रयास करें। ये हम सभी की सामूहिक जिम्मेवारी है देश मे एकता अखंडता और सर्वधर्म समभाव वाला माहौल हमेशा बना रहे।

इसके ठीक विपरीत दूसरे कार्यक्रम में भाजपा एनडीए, प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कुंडली विपक्ष उलट पलट रहा था। तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जम कर हमला किया। कहा कि कहाँ है वो सवा लाख करोड़ रुपए वाला बिहार का पैकेज? चंद्रबाबू नायडू से हमारे चाचा क्यों नहीं सिख रहे हैं? डबल इंजन की सरकार को बिहार की जनता 2019 में सिखाएगी। मेरे पिता लालू प्रसाद के साथ मेरी माँ, बहनों, भाई मुझ पर और मेरे रिश्तेदारों पर भी कई मुकदमे करा दिया है। पर हम डरने वाले नहीं है न मोदी से न गोदी से।

सभी की चिंता जायज है देश संकट के दौर से गुजर रहा है। कोई भी बोलने को तैयार नही है जो बोल रहा उसे झूठे केस में फंसा दिया जा रहा है। मोदी की सरकार ने एक भी वादा न किसान, न मजदूर और न ही उन बेरोजगार नवजवानों से किया था वो पूरा किया है। अब तो अंतिम समय आ गया है फिर भी इन विषयों पर कोई चर्चा नहीं होती है। अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए रोजगार की जगह युवा के हाथों में तलवार थमाया गया।

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में ऑनलाइन 2लाख तलवार मंगा कर प्रदेश भर में युवाओं के बीच बांटा गया। माहौल खराब किया गया दंगा फ़साद कर दहशत फैलाया गया। वो तो बिहार की जनता समझदार है कि जल्दी ही इनके मनसूबे को भांप गई और हमारे प्रयास से सभी वर्ग धर्म के लोगों के साथ शांति वार्ता और मार्च निकाला कर अमन भाईचारा कायम किया गया।

तेजस्वी यादव ने कहा कि कितना भी हमारे परिवार को डराया जाएगा हम डरने वाले नहीं हैं। जब मेरे पिता लालू प्रसाद ने भाजपा जैसी साम्प्रदायिक और दंगाई पार्टी से कोई समझौता नहीं किया तो मैं भी वादा करता हूँ कि 28 साल का ये नौजवान भविष्य में भाजपा के साथ कभी समझौता नहीं करेगा। जितना केस लादना है लादें, जेल में डाल दें पर भाजपा के आगे हार नहीं मानूंगा। मेरा मालिक बिहार की आवाम है उनके लिए हर दुख और जिल्लत सहने को तैयार हूँ। बिहार की जनता जिस विधि रखेगी रहूंगा पर भाजपा आरएसएस के सामने कभी नहीं झुकूंगा।

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