राम-रहीम के बाद अब रामपाल की बारी- फैसला आज, हरियाणा में 4 लोगों से ज्यादा जमा होने पर पाबंदी

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रेप मामले में डेरा सच्चा सौदा के मुखिया राम रहीम को 20 साल की सजा मिलने के बाद आज हरियाणा के स्वंयभू संत रामपाल पर आज हिसार की जिला अदालत फैसला सुना सकती है। हिसार जेल में बंद स्वयंभू संत रामपाल देशद्रोह का आरोप है।

बरवाला के सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल पर दो मामले दर्ज हैं। 2014 में हिसार के बरवाला विवाद के बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। 2006 में भी उन पर हत्या का केस भी दर्ज हुआ था।

कौन है संत रामपाल..

सोनीपत के धनाणा गांव में 8 सितंबर 1951 को जन्मा रामपाल हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर था। रामपाल के पिता का नाम नंद राम था जो पेशे से किसान थे। इंजीनियर की नौकरी के दौरान रामपाल की मुलाकात कबीरपंथी संत स्वामी रामदेवानंद महाराज हुई।

रामपाल रामदेवानंद के शिष्य बन गया। नौकरी के दौरान ही रामपाल दास सत्संग करने लगा और ‘संत रामपाल’ बन गया। हरियाणा सरकार ने उसे 2000 में इस्तीफा देने को कहा था। 1999 में बंदी छोड़ ट्रस्ट की सहायता से रामपाल ने करोंथा गांव में सतलोक आश्रम का निर्माण करवाया। हरियाणा में हिसार के पास बरवाला में स्थित इस आश्रम की जमीन को लेकर रामपाल पर कई आरोप लगे।

जेई से संत बने रामपाल हिन्दू धर्म की भगवानों को नहीं मानता। खुद को कबीरपंथी बताने वाला रामपाल स्वयं को ही परमेश्वर का एक रूप बताता है। संत बनने की शुरुआत में रामपाल सोनीपत और रोहतक में मोटरसाइकिल पर माइक्रोफोन से अपने उपदेश का प्रचार-प्रसार किया करता था। इसके अलावा वह अपनी वीडियो भी रिकॉर्ड करवाता था।

रामपाल के समर्थन ज्यादार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से थे। उन्हीं की मदद से उसने अपना प्रभाव और साम्राज्य बढ़ाया। इसके बाद संत रामपाल के अनुयायियों की संख्या बढ़ती चली गई। 2006 में स्वामी दयानंद की लिखी एक किताब पर संत रामपाल ने एक टिप्पणी की। आर्यसमाज इस टिप्पणी से नाराज हो गया।

आर्य समाज और रामपाल समर्थकों में हिंसक झड़प हुई। इसमें एक महिला की मृत्यु हुई। झड़प के बाद पुलिस ने रामपाल को हत्या के मामले में हिरासत में लिया। 22 महीने जेल में रहने के बाद वह 30 अप्रैल 2008 को जमानत पर रिहा हुआ।

घटनाक्रम: अपडेट-
11:00AM- हरियाणा में 4 लोगों से ज्यादा इकट्ठा होने पर पबंदी
10:00 AM- राजद्रोह के आरोपी रामपाल पर फैसला को लेकर हिसार और सिरसा में प्रशासन हाई अलर्ट पर, हरियाणा में लागू है धारा 144

09:30 AM- पंचकूला हिंसा मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज, राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद हुई हिंसा में हुई थी 38 लोगों की मौत।

09:00 AM- दोनों केसों में रामपाल के अलावा प्रीतम सिंह, राजेंद्र, रामफल, विरेंद्र, पुरुषोत्तम, बलजीत, राजकपूर ढाका, राजकपूर व राजेंद्र को आरोपी बना रखा है।

08: 00 AM- 10 खास बातें: कैसे एक इंजीनियर बना स्वयंभू संत रामपाल

07:00 AM- 24 अगस्त को रामपाल के खिलाफ दर्ज FIR नंबर 201, 426, 427 और 443 के तहत पेशी हुई थी। कोर्ट ने FIR नंबर 426 और 427 का फैसला सुरक्षित रख लिया था।

06:00 AM- बरवाला के सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल पर दर्ज दो मामलों में फैसला आज, हिसार की जिला अदालत सुना सकती है फैसला।

रामपाल की हिसार कोर्ट में पेशी के दौरान भारी तादाद में रामपाल के समर्थक पहुंच जाते थे, जिससे पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने और इन लोगों को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। इसी वजह से हिसार की सेंट्रल जेल में ही एक स्पेशल कोर्ट बनाकर इन मामलों की सुनवाई चल रही है।
उल्लेखनीय है कि रामपाल पर देशद्रोह जैसे कई और मुकदमे भी दर्ज हैं, जिन पर सुनवाई चल रही है। 24 अगस्त को अदालत को बरवाला थाना में दर्ज मुकद्दमा नंबर 426 व 427 में फैसला सुनाना था। इन दोनों केसों में रामपाल के अलावा प्रीतम सिंह, राजेंद्र, रामफल, विरेंद्र, पुरुषोत्तम, बलजीत, राजकपूर ढाका, राजकपूर व राजेंद्र को आरोपी बना रखा है।

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