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जानिए राम-रहीम की बेटी के बारे में, कोर्ट से लेकर जेल तक साथ थी ये गोद ली हुई बेटी

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बाबा राम रहीम सुबह 9 बजकर 5 मिनिट पर करीब 800 गाडियों के साथ सिरसा से पंचकुला के लिए निकले थे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बताया जाता हैं कि बाबा के इस पांच घंटे के सफर में उनके साथ उनकी गोद ली हुई बेटी हरमनप्रीत साथ में मौजूद थी।

बाबा जब कोर्ट में पहुंचे थे उनके साथ में हरमनप्रीत भी साथ में थी। जब आर्मी के हेलीकॉप्टर से राम रहीम को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) रोहतक के अंदर अस्थायी जेल में पांच बजकर एक मिनट पर हेलीपैड पर उतारा गया। तो उनके साथ हरमनप्रीत भी उतरी।

हनीप्रीत राम रहीम के साथ फिल्मों में काम कर चुकी है। हनीप्रीत ने गुरमीत की फिल्म में एक्टिंग के साथ-साथ उसका डायरेक्शन भी किया था।

गिर रही थी कई लाशें, बेटी के साथ बाबा हेलिकॉप्टर में मस्ती के साथ चॉकलेट खाता रहा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां साध्वियों से दुष्कर्म का दोषी ठहराया गया। 15 साल पुराने केस में सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को जज जगदीप ने यह फैसला सुनाया।

फैसले का पता चलते ही डेरे के गुंडों ने उपद्रव मचाना शुरू कर दिया। एक तरफ जहां लाशों गिर रही थीं, वहीं राम रहीम हेलिकॉप्टर से रोहतक जाते समय टेंशन मिटाने के लिए चॉकलेट खाता रहा।

कोर्ट परिसर में राम रहीम करीब दोपहर 2.20 मिनट पर पहुंचा। सफेद सूट पहने राम रहीम कार से उतरा तो उसने हाथ जोड़ लिए। तीन वकीलों ने उसके पैर छुए, एक पुलिस वाले ने भी। इसके बाद उसे काेर्ट रूम ले जाया गया।

सुनवाई के दौरान गुरमीत जज के सामने हाथ जोड़े खड़ा रहा। जज जगदीप सिंह ने जब उसे दोषी ठहराया तो रो पड़ा।
हाईकोर्ट ने डेरे की संपत्ति की लिस्ट मांगी है, ताकि नुकसान की भरपाई डेरे की संपत्ति से की जा सके।

राम रहीम के कोर्ट में पहुंचते ही सीबीआई जज जगदीप सिंह ने केस फाइल देखी, फिर अपने नायब कोर्ट को कहा कि आरोपी राम रहीम को हिरासत में ले लो।

जैसे ही बाबा को हिरासत में लिया गया, सबको समझ में आ गया कि बाबा को सजा होनी तय है। राम रहीम के वकील ने दलील देनी चाही, लेकिन कोर्ट ने राम रहीम को दोषी करार दे दिया। वकील जिरह करने की कोशिश करने लगे, तो जज ने कहा कि कितनी सजा होनी है, इस पर फैसला 28 को होगा, तभी जिरह करें।

जज फैसला देकर उठ गए और राम रहीम को हिरासत में ले लिया गया। फैसले का पता चलते ही डेरे के गुंडों ने उपद्रव मचाना शुरू कर दिया। गाड़ियों व इमारतों में आग लगा दी। फोर्स ने आंसू गैस के गोले छोड़े। जब भीड़ काबू नहीं आई तो गोली भी चलानी पड़ी।

सबसे ज्यादा नुकसान पंचकूला में हुआ। समर्थकों ने पंचकूला में सैकड़ों गाड़ियां फूंकीं, सरकारी दफ्तरों में भी आग लगाई।
शहर में जमे डेढ़ लाख समर्थक 3 घंटे तक सड़कों पर हिंसा करते रहे। इसमें 28 लाेग मारे गए। ढाई सौ से ज्यादा घायल हैं। सिरसा में 4 लोग मारे गए।

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