Rakshabandhan पर ही खुलता है भगवान विष्णु का ये मंदिर, खुद मां लक्ष्मी ने यहां राजा बलि को बांधी थी राखी

आस्था
Rakshabandhan पर एक दिन के लिए खुलता है वंशीनारायण मंदिर

देवभूमि उत्तराखंड में एक ऐसा मंदिर भी है जो पूरे वर्ष में सिर्फ rakshabandhan पर एक दिन के लिए खुलता है। चमोली जिले में स्थित यह मंदिर वंशीनारायण मंदिर नाम से जाना जाता है।

यहां कन्याएं और विवाहिताएं भगवान वंशीनारायण को राखी बांधने के बाद ही अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। सूर्यास्त होते ही इस मंदिर के कपाट फिर एक वर्ष के लिए बंद कर दिए जाते हैं।




इस मंदिर तक पहुंचना आसान नहीं है। यहां पहुंचने के लिए 12 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता है। दस फुट ऊंचे इस मंदिर में भगवान की चतुर्भुज मूर्ति विराजमान है। माना जाता है कि यहां भगवान को राखी बांधने से स्वयं श्रीहरि रक्षा करते हैं।

कहा जाता है कि वामन अवतार धारण कर भगवान विष्णु ने दानवीर राजा बलि को पाताल लोक भेज दिया था। राजा बलि की भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीहरि विष्णु स्वयं पाताल लोक में राजा बलि के द्वारपाल बन गए।




उन्हें मुक्त कराने के लिए माता लक्ष्मी पाताल लोक पहुंचीं और राजा बलि को राखी बांधकर भगवान को मुक्त कराया। कहा जाता है कि पाताल लोक से भगवान श्रीहरि यहीं प्रकट हुए।

इस मंदिर में साल भर में सिर्फ rakshabandhan के दिन ही पूजा होती है। यह मंदिर समुद्र तल से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है।



Leave a Reply

Your email address will not be published.