राज्य के 8 विश्वविद्यालयों में शिक्षकों-कर्मियों के 1420 पद सृजित

खबरें बिहार की जानकारी

राज्य के आठ विश्वविद्यालयों में शिक्षकों तथा शिक्षकेतर कर्मियों के 1420 पदों के सृजन की स्वीकृति शिक्षा विभाग ने दी है। ये पद विश्वविद्यालयों के 22 महाविद्यालयों के लिए सृजित किये गये हैं। सृजित पदों में सभी महाविद्यालय में एक-एक पद प्रधानाचार्य के भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने नवम्बर 2018 में स्वीकृत तथा 27 मई 2019 को अधिसूचित 22 स्थापित अथवा स्थापना हेतु प्रस्तावित सरकारी महाविद्यालयों के लिए पूर्व में सृजित किये गये 1420 पदों का प्रत्यर्पण करते हुए इतने ही पद विभिन्न विश्वविद्यालयों में सृजित किये हैं।

शिक्षा सचिव असंगबा चुबा आओ ने इसकी अधिसूचना निर्गत करते हुए विभाग के इस निर्णय की जानकारी महालेखाकार, बिहार को भी दी है। चूंकि 1420 पदों को प्रत्यर्पित करते हुए इतने ही नए पद सृजित किये गये हैं, ऐसी स्थिति में इनपर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। पहले ही प्रशासी पदवर्ग कमेटी तथा राज्य मंत्रिपरिषद ने इस प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दे दी थी।

जिन आठ विश्वविद्यालयों में प्रधानाचार्य, विभिन्न विषयों के सहायक शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों के पदों का सृजन किया गया है उनमें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा, ई बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना, मगध विश्वविद्यालय बोधगया, बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा, पूर्णिया विश्वविद्यालय पूर्णिया और मुंगेर विश्वविद्यालय मुंगेर शामिल हैं। मिथिला विश्वविद्यालय में 206 पद शैक्षणिक व 52 पद शिक्षकेतर कर्मियों के, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में शिक्षक श्रेणी के 257 जबकि गैर शिक्षण श्रेणी के 65, बीएन मंडल विश्वविद्यालय में दोनों श्रेणियों में क्रमश: 104 और 26, पूर्णिया विश्वविद्यालय में शिक्षक श्रेणी के 153, गैर शिक्षकों के 39, मगध विश्वविद्यालय में शिक्षकों के 153, कर्मियों के 39, वीकेवीएस में शिक्षण श्रेणी के 159, शिक्षकेतर श्रेणी के 39, पाटलिपुत्रा विश्वविद्यालय में 51 और 13, मुंगेर विश्वविद्यालय में 51 तथा 13 पद दोनों श्रेणियों में सृजित किये जा रहे हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.