राजगीर में बनेगा देश का सबसे बड़ा गुरूद्वारा, कुदरत की अनमोल जगह को एक और तोहफा

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया अपने गृह जिले को दिया बहुत बड़ा तोहफा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बोला है राजगीर में बनेगा देश का सबसे बड़ा गुरूद्वारा। मुख्य मंत्री नीतीश कुमार का कहना है की उन्हें राजगीर आकर काफी शांति मिलती है। उनका मन बिना राजगीर आये नहीं मानता। यही कारण है कि वे साल में कम से कम दो बार राजगीर जरूर आते हैं। राजगीर कुदरत की अनमोल जगह है। पंच पहाड़ियों से घिरा हुआ है। राजगीर प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक रूप से प्रसिद्ध स्थल है । यहां की पंच पहाड़ी हिमालय से काफी पुरानी है।

मुख्यमंत्री ब्रह्मकुंड परिसर में आयोजित मलमास मेला के तीर्थपूजन समारोह में शामिल हुए। पूजा-अर्चना और आरती की। करीब आधे घंटे यहां बिताने के बाद वे ब्रह्मकुंड के ऊपर यज्ञशाला में गये जहां स्वामी चिदात्मन जी महाराज उर्फ फलाहारी बाबा के साथ मलमास मेला का ध्वजारोहण किया। पहली बार राजगीर मलमास मेला का उद्घाटन करते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर ऐतिहासिक नगरी है और जरासंध की नगरी है। भगवान बुद्ध व महावीर समेत सभी धर्मों का पवित्र स्थल है। राजगीर के साइक्लोन पवेलियन को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाये जाने के लिए राज्य सराकर प्रयास करेगी। नीतीश कुमार ने कहा कि राजगीर में गुरु नानक का एक सुंदर गुरुद्वारा भी बनाया जायेगा।

उन्होंने कहा कि एएसआई कुछ खुदाई का भी काम करे, ताकि इतिहास के पन्नों से धूल को हटाया जा सके। अब किला मैदान में कोई कार्यक्रम नहीं होगा, लेकिन एएसआई भी अपने दायित्व को निभाये। राजगीर के जर्रे-जर्रे में इतिहास समाया हुआ है। उसकी खुदाई करने पर नया इतिहास उजागर हो सकता है, लेकिन एएसआई की इसमें रुचि नहीं है

वह कुछ नहीं कर पा रहा है। राजगीर में उनकी समाधी बनने वाले लालू प्रसाद के बयान पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी समाधी राजगीर में बनेगी तो उनके लिए सौभाग्य की बात है। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि राजगीर ज्ञान की भूमि है. पूरे देश को ज्ञान देने का कार्य किया है। अब इसी धरती से बाल विवाह और दहेज प्रथा का विरोध होना चाहिए। इस अवसर पर ग्रामीण कार्यमंत्री शैलेश कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार सहित कई मंत्री मौजूद थे।

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