रेलवे यार्ड की 80 फीट ऊंची पानी टंकी में कैसे पहुंची लाश ? पुलिस के लिए बनी पहेली

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भागलपुर के रेलवे यार्ड में 80 फीट ऊंची पानी की टंकी में रविवार की सुबह एक व्यक्ति की लाश मिली है। मामले की सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी के अफसर मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। शव किस व्यक्ति का है, कितने दिनों से पानी टंकी में पड़ा है इसके बारे में शाम के 5 बजे तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी। सुबह लगभग 9 बजे ही टंकी में शव होने की सूचना मिली और शाम के 5 बजे के बाद शव को नीचे उतारा जा सका।

शव को पानी टंकी से निकालकर नीचे उतारने के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, लेकिन पहले इस टीम ने भी इतनी ऊंचाई से बिना किसी संसाधन के शव को नीचे उतारने से मना कर दिया। इस बीच रेल डीएसपी विनय राम ने सदर एसडीओ से क्रेन उपलब्ध कराने की मांग की। इसके बाद शाम में पांच बजे एक बार फिर एसडीआरएफ की टीम ने शव को नीचे उतारने के लिए ऑपरेशन शुरू किया और उसे उताल लिया गया।

पानी पीने के लिए सप्लाई नहीं की जाती

रेलवे के आईओडब्ल्यू इंजीनियर ललन कुमार ने बताया कि इस टंकी से पानी पीने के लिए सप्लाई नहीं की जाती है। ट्रेनों की धुलाई में पानी का इस्तेमाल किया जाता है। आईओडब्ल्यू इंजीनियर ने बताया कि पिछले तीन चार दिनों से इसके जेट पाइप से पानी नहीं आने के कारण रविवार को इसकी जांच के लिए एक कर्मी को भेजा गया था। इसी क्रम में पता चला कि पानी की टंकी के अंदर किसी का शव है। इसके बाद इसकी सूचना आरपीएफ को दी गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर रणधीर कुमार ने बताया कि आईओडब्ल्यू के स्टाफ से शव की सूचना मिली। जलमीनार के छज्जे पर एक जोड़ी चप्पल भी खुला है। शव को नीचे उतारने के बाद पता किया जाएगा कि किस व्यक्ति का शव है और यह घटना कैसे हुई।

तीन दिन पहले से शव के टंकी में होने की आशंका

पानी टंकी में पूरी बॉडी पानी में रहने के कारण दुर्गंध दे रहा है। वहां तक चढ़ने वाले जवानों की मानें तो ऊपर दुर्गंध के कारण रहना मुश्किल हो रहा है। मौके पर मौजूद फॉरेंसिक टीम के अधिकारियों का कहना है कि शव 72 घंटे से अधिक समय का है। इसलिए इतना दुर्गंध हो रहा है। शव को निकालने के लिए पहले जीआरपी के जवानों द्वारा कोशिश की गई, लेकिन वो असफल रहे। इसके बाद इसकी सूचना एसडीआरएफ को दी गई। दोपहर 1 बजे के करीब एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची।

एसडीआरएफ की टीम ऊपर जाकर शव को देखा और वहां से नीचे उतारने की स्थिति देखी। इसके बाद एसडीआरएफ के अधिकारियों ने कहा कि ऊंचाई अधिक होने और किसी तरह के साधन नहीं होने के कारण शव उतारने में परेशानी होगी। ऐसे में शव को लेकर नीचे उतारने में जवान के गिरने का खतरा होगा। इसलिए बिना क्रेन के आए शव निकालना कठिन लग रहा है। वहीं रेल पुलिस के डीएसपी विनय राम ने शव को निकलने के लिए क्रेन की व्यवस्था के लिए सदर एसडीओ से बात की है। वहीं मौके पर डीएसपी विनय राम, जीआरपी थाना प्रभारी अरविंद कुमार, कैरेज विभाग के इंजीनियर अख्तर हुसैन आदि मौजूद थे।

उल्टा पुल पर शव देखने के लिए लोगों की दिनभर लगी रही भीड़

यार्ड और लोहिया पुल के बीच बनी जलमीनार में शव मिलने की सूचना के बाद पुल पर देखने वालों की भीड़ लगी रही। शाम तक लोग खड़े रहे। इस बीच आरपीएफ जवानों द्वारा भीड़ को हटाने की कोशिश की गई। बावजूद भीड़ लगी रही। वहीं यार्ड होकर आने जाने वाले रास्ते पर आरपीएफ के जवान तैनात कर दिए गए थे। ताकि कोई आम आदमी इस इलाके में प्रवेश न कर सके।

एक लापता युवक के परिजन पहुंचे शव को देखने

रेलवे की पानी टंकी में शव मिलने की सूचना पर रजौन थाना के खैरा निवासी गुलशन कुमार के परिजन शव को देखने पहुंचे थे। परिजनों का कहना था कि गुलशन पिछले चार दिनों से लापता है। जानकारी मिली है कि वह स्टेशन के आसपास ही एक होटल में रुका था। गुलशन की उम्र 19 साल बतायी गई।

यार्ड में सुरक्षा पर सवाल

रेलवे यार्ड प्रतिबंधित क्षेत्र है। रेलवे यार्ड के क्षेत्र में बिना परमिशन के किसी को जाने आने की इजाजत नहीं होती है, लेकिन यह बड़ा सवाल है कि यार्ड में पुलिसकर्मियों की तैनाती और 24 घंटे रेलकर्मियों के रहने के बावजूद कोई व्यक्ति यार्ड के उस हिस्से में कैसे पहुंचा और पानी की टंकी पर कैसे चढ़ा। पानी की टंकी पर चढ़ते हुए उसे किसी ने नहीं देखा।

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