पूर्णिया-किशनगंज समेत सीमांचल में फैला पीएफआई का जाल, ग्रामीण युवाओं को ब्रेनवॉश कर दी जा रही आतंकी ट्रेनिंग

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बिहार की राजधानी पटना में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के आतंकी ट्रेनिंग कैंप के भंडाफोड़ के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। सीमांचल के अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों में पीएफआई युवाओं का ब्रेनवॉश कर देश विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहा है। सीमांचल से सटे नेपाल और बांग्लादेश के बॉर्डर वाले इलाकों में पीएफआई जैसे संगठनों की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है। एसएसबी के आंतरिक सर्वे मे ंयह बात सामने आई है।

एसएसबी को जानकारी मिली है कि सीमांचल के 40 से अधिक जगहों पर संदिग्ध संगठनों द्वारा ग्रामीण इलाकों में लोगों को देश विरोधी कार्यों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। इनका प्रशिक्षण इतना गोपनीय होता कि तमाम कोशिशों के बाद भी इसकी जानकारी बाहर नहीं निकल पाती हैं। पटना में पीएफआई की करतूतों का भंडाफोड़ होने के बाद सीमांचल में भी आईबी की टीम हरकत में है।

एसएसबी के डीआईजी एसके सारंगी कहते हैं कि सीमांचल के जिलों में पीएफआई जैसे संगठन पिछले कई सालों से लगातार फल-फूल रहे हैं। इनकी सबसे ज्यादा संख्या कटिहार, पूर्णिया के बाद अररिया और किशनगंज जिले में है। इन जिलों में ऐसे संदिग्ध संगठनों की संख्या तीन दर्जन से ज्यादा है। एसएसबी इस संबंध में लगातार अलर्ट जारी करता रहा है। वहीं, एसपी दयाशंकर शंकर ने बताया कि इस तरह की तमाम बिंदुओं पर पुलिस की पैनी नजर है। थानाध्यक्षों को भी अलर्ट कर दिया गया है।

पूर्णिया के पीएफआई दफ्तर में पसरा सन्नाटा 

पूर्णिया जिला मुख्यालय के लाइन बाजार राजा बाड़ी स्थित पीएफआई कार्यालय में फिलहाल सन्नाटा पसरा है। बायसी, किशनगंज जिला के कोचाधामन प्रखंड से आए कुछ लोगों से बातचीत की कोशिश की गई। मगर पटना की घटना के बाद यहां लोग कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। पूर्णिया  स्थित पीएफआई के दफ्तर में कई बार आईबी समेत जांच अन्य एजेंसियां छापेमारी कर चुकी हैं।

भारत-नेपाल बॉर्डर आतंकी संगठनों के लिए मुफीद

भारत-नेपाल का खुला बॉर्डर आतंकी संगठनों के लिए हमेशा से मुफीद रहा है। बीते 10 सालों में 2 दर्जन से अधिक संदिग्ध विदेशी नागरिकों को एसएसबी ने गिरफ्तार किया। कई बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिक भी इंडो-नेपाल बॉर्डर से पकड़े गए हैं।

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