कश्मीर के पुलवामा जिले के लेथपुरा में पिछले साल 14 फरवरी को हुए आत्मघाती हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों को लेथपुरा में सीआरपीएफ की 185वी बटालियन मुख्यालय में स्थापित किए गए शहीद समारक पर श्रद्धांजलि दी गई. श्रद्धांजलि समारोह पर सीआरपीअफ के अलावा सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के सभी अधिकारी मौजूद थे. सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी (जम्मू-कश्मीर) जुल्फिकार हसन ने शहीद जवानों को श्र्द्धांजलि अर्पित की. अन्य सुरक्षा एजंसियों के अधिकारियों और जवानों ने भी शहीद स्मारक पर फूल अर्पित किए.

बेंगलुरु के निवासी उमेश गोपीनाथ जाधव के शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे थे. उन्होंने अनोखे तरीके से शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जिसे जानकर आपकी आंखें नम हो जाएंगी और आप उन्हें सलाम किए बिना नहीं रह पाएंगे. उमेश सभी 40 शहीद जवानों के घर गए और उनके गांव से मिट्टी इकट्ठा की. इसके लिए उन्होंने 61 हजार किलोमीटर की यात्रा की. इसलिए श्रीनगर में सीआरपीएफ के लेथपोरा कैंप शहीदों के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आज उन्हें खास मेहमान के तौर पर बुलाया गया.

डीजी के अनुसार वीर जवानों की शहादत का बदला लेते हुए हमले का षडयंत्र रचने वालों को मार गिराया गया है. पिछले साल पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले जैश के सभी आतंकियों को मार गिराया गया है. ऐसे बदलाव भी लाए गए हैं जिनसे सुरक्षा कवच और ज्यादा मजबूत हो. जम्मू-कश्मीर राजमार्ग या अन्य राजमार्गों पर चलने वाले काफिले के वक्त किसी भी सिविल गाड़ी को चलने की अनुमति नहीं दी जाती है क्यूंकि सिविल ट्रैफिक का ही फायदा आत्मघाती हमलावर ने पुलवामा हमला अंजाम देने के वक्त लिया था. काफिले के चलने से पहले रास्ते की पूरी तरह जांच होती है.

स्पेशल डिजी सीआरपीअफ जुल्फिकार हसन ने कहा, “हम यहां आज अपने शहीद जवानों को श्र्द्धांजली देने आए हैं. उनके परिवार वालों को यह संदेश देना चाहते हैं कि हम उनके साथ हमेशा खड़े हैं और आगे भी रहेंगे. पुलवामा आतंकी हमले का षडयंत्र रचने वालों को इस घटना के कुछ ही दिनों बाद मौत की नींद सुला दिया गया था. कुछ लोग जिन्होंने उन षडयंत्रकारियों की मदद की उनको गिरफ्तार कर लिया गया. जिन लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया था उनका हिसाब किया जा चुका है.” जैश के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “केवल इतना कहना चाहूंगा कि सुरक्षाबल आतंकियों पर पूरी तरह से हावी हैं.”

हसन ने कहा कि सीआरपीएफ हमेशा अमन-शांति बहाल करने के लिए काम करती है और आगे भी ऐेसा करती रहेगी. उन्होंने कहा, “आतंकियों के लिए यही संदेश है कि अगर आप सीमा पार से यहां आएंगे तो हम आपको मार गिराएंगे लेकिन अगर वह कश्मीर के स्थानीय है और भटके हुए हैं तो उन्हे चाहिए कि वह मुख्यधारा में शामिल होने का प्रयास करें. घाटी में तैनात सुरक्षा एजंसियों उनकी पूरी सहायता करेंगी.”

Sources:-Zee News

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