भारत एक ऐसा देश है जहाँ 29 राज्य है और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं। भारत अपनी संस्कृति एवं सभ्यता के लिए जाना जाता है। इस देश में कई ऐसे शूरवीर पैदा हुवे हैं जिन्होंने विश्व पटल पर अपना और अपने देश का नाम रौशन किया है।

देश के विभिन्न राज्यों में विभिन्न तरह के लोग रहते हैं जो विभिन्न तरह की भाषा बोलते हैं। लेकिन देश के पूर्व उत्तर में बसे “बिहार” राज्य में भोजपुरी भाषा प्रचलतित है। आइए जानते हैं हमारे प्यारे एवं अनोखे राज्य “बिहार” के बारे में।

सभ्यता एवं संस्कृति का जिता-जागता मिसाल बिहार जहाँ 38 जिले हैं। यूँ तो बिहार में कई भाषायें बोली जातीं है लेकिन भोजपुरी भाषा का इस्तेमाल यहाँ ज़्यादा होता है। बिहार की पावन धरती ने भारत देश को कई गौरवशाली एवं गौरवान्वित करने वाले चेहरे दिए हैं जिनमें Dr राजेंद्र प्रसाद, बाबू वीर कुँवर सिंह इत्यादि ने देश के लिए स्वतंत्रता आंदोलन में अपना अहम योगदान दिया था।

अतीत की बात करें तो गणित भाषा की शुरुआत हमारे बिहार के महान गणितज्ञ “आर्यभट्ट” ने कई ईसा पूर्व किया था। उन्होंने दशमलव(.) एवं शून्य (०) का खोज किया था जिनके बिना कोई भी समाधान नामुमकिन है।

बिहार की धरती पर सम्राट अशोक, चाणक्य, जैसे महान राजा पैदा हुवे जिन्होंने भारत देश के साथ साथ कई देशों तक अपने राज्य का निर्माण किया था। चाणक्य जिनकी बुद्धिमत्ता एवं साहस का गुडगान आज भी किया जाता है।

ईस्ट इंडिया कम्पनी ने जब भारत में अपनी निव रखी तब लूटा जाने वाला सबसे पहला राज्य हमारा बिहार हीं था जहाँ अंग्रेजो ने सबसे ज़्यादा लूट पाट किया था। देश की स्वतंत्रता आंदोलन की शुरुआत भी बिहार के पावन भूमि से हुई और आज़ादी के नारे को एक नयी बुलंदी मिली।

लेकिन आज हम जब बड़े राज्यों में जाते हैं तो बिहारी होने पर हमें चिढ़ाया जाता है! हमारा मज़ाक़ उड़ाया जाता है। हमें ये कहा जाता है की:- अगर कचरा फैलाया तो वो बिहारी है! पब्लिक प्लेस पर चिल्लाया तो वो बिहारी है!लड़की छेड़ा तो वो बिहारी है! अंग्रेज़ी गाने ना सुनता हो तो वो बिहारी है!

हमसे ये बार बार पूछा जाता है की हम बिहार छोड़ कर दूसरे राज्यों में क्यूँ जाते है??? क्यूँ सभी रिक्शा वाले या ठेला वाले बिहार से होते हैं?? क्यूँ हम बिहारी “मैं” ना बोल कर ख़ुद को “हम” बोल कर दर्शाते है? क्यूँ हम बिहारी अंग्रेज़ी में कमज़ोर होते हैं?

क्या बिहारी होना एक गाली है?? मुझे आश्चर्य तब होता है जब हमारे बीच के लोग हीं अपनी पहचान छुपा लेते हैं। हम बिहारी हर क्षेत्र में आगे हैं चाहे वो फ़िल्म एवं कला का हो,राजनीति का हो या पत्रकारीता का हो।

अंजाना ओम् कश्यप, रविश कुमार,श्वेता सिंह जैसे टॉप जर्नलिस्ट बिहार के हैं।

शूशांत सिंह राजपूत,आर॰माधवन,पंकज त्रिपाठी जैसे अभिनेता एवं प्रकाश झा, इमतेयज अली जैसे फ़िल्म director के साथ साथ मीका सिंह,आनंद-मिलिंद चित्रगुप्ता जी जैसे संगीत के दुनिया के सितारे बिहार ने देश को दिए हैं। अभिनेत्रियों में नीतू चंद्रा,नेहा शर्मा और झाँसी की रानी में लीड रोल में उल्का गुप्ता भी बिहार की संतान हैं।

हमारे राज्य में लड़कियों के मामले में दिल्ली से 10 गुना कम केसेज़ है फिर हम कैसे छेड़ सकते हैं?? हमारे यहाँ लड़कियों को बहन का दर्जा दिया जाता है फिर हम उन्हें बुरी नज़र से कैसे देख सकते हैं? हमारे यहाँ आज भी आँगन लीपा जाता है और घर में आने से पहले चप्पल बाहर उतार कर आया जाता है तो हम कचरा कैसे फैला सकते हैं??

And the last one:- we produce a large number of IAS/IPS officers every year, then how we are cheap in studies??

बिहारी होना गर्व की बात है! और मैं जब तक इस दुनिया में हुँ चाहे कहीं भी चला जाऊँ,बिहार को मेरे दिल से कोई नहीं निकाल सकता। I proud to be a Bihari and we are the best, that’s why other people hate us. But we don’t care. We just follow one thing –

“give respect, get respect “

-Aditya srivastav 🙏 a proud Bihari

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