राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बोले बिहारी होना गर्व की बात है, जब कोई मुझे बिहारी कह कर बुलाता है तो मैं खुद को गौरवान्वित महसूस करता हूं

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Patna: बिहार विधान सभा भवन के शताब्दी समारोह के मौके पर आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार के गौरवशाली इतिहास की खूब चर्चा की है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार और उसके इतिहास की चर्चा करते हुए अपने आप को भावनात्मक रूप से बिहार के साथ जुड़ा हुआ बताया है. इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के बिहारी राष्ट्रपति के रूप में संबोधित कर रहे थे तब मुझे खुशी हो रही थी. राजेन्द्र प्रसाद की छोड़ी विरासत को संभालने की जिम्मेदारी है. बिहार आता हूं तो लगता है बिहार आया हूं. बिहार से मेरा राज्यपाल का ही नाता नहीं है, बल्कि कुछ ही रिश्ते हैं.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि बिहार हमेशा इतिहास रचता है. आज भी एक इतिहास रचा गया है. सौ साल के विधानसभा के कार्यकाल का एक इतिहास रचा गया है. देशवासियों ने भी एक इतिहास रचा है. हम सौ करोड़ वैक्सीनेशन के लक्ष्य को पार किया है. बिहार आने पर हमें खुशी मिलती है. राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान मुझे यहां सभी वर्ग के लोगों का सम्मान मिला.

राष्ट्रपति के तौर पर भी सम्मान में कमी नहीं आई. इसके लिए हम यहां के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्यवासियों का आभार व्यक्त करते हैं. राष्ट्रपति ने छठ पूजा की चर्चा करते हुए कहा कि आज यह पूजा ग्लोबल हो गया है. बिहार के एक गांव से लेकर विदेशों तक छठ पूजा की जाती है. उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि आजादी के 100 साल यानी 2047 तक बिहार मानव विकास में उच्च स्थान पर पहुंचेगा.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि यह शताब्दी समारोह लोकतंत्र का उत्सव है. इस कार्यक्रम में आप लोगों की उपस्थिति इस देश में स्वस्थ संसदीय परंपरा का उदाहरण है. बिहार की धरती गणतंत्र की भी जननी है. बोधि वृक्ष का रोपण कर में गौरवान्वित कर रहा हूं. बिहार की धरती का मुझपर विशेष ध्यान रहा है. यह प्रतिभावान लोगों की धरती है. नालंदा, विक्रमशीला जैसे ज्ञान के केन्द्रों की धरती है. आर्यभट्ट जैसे वैज्ञानिक की धरती है. चाणक्य जैसे महान विभूतियों की धरती है.

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