बिहार के इस लाल ने देश सेवा के जुनून में छोड़ी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी, बना सेना में लेफ्टिनेंट

एक बिहारी सब पर भारी

देश रक्षा की धुन में बिहार के एक बेटे ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ कर सेना में जाने का फैसला कर लिया।

कोशी एक्सप्रेस की खबरों के मुताबिक खगडिया जिले के परवत्ता प्रखंड के दरियापुर भेलवा पंचायत अंतर्गत पचखुट्टी नयागांव निवासी डॉ बिजेन्द्र कुमार वात्स्यायन के पुत्र प्रतीक वात्स्यायन को यू पी एस सी द्वारा आयोजित ( CDS ) कम्बाइंड डिफेंस सर्विसेस की परीक्षा में भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के लिये चयनित किये जाने पर इलाके में हर्ष का माहौल है।
प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी सह लेखक नित्यानंद वात्स्यायन के पौत्र प्रतीक वात्स्यायन की शिक्षा दीक्षा उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार में स्थित गुरुकुल काँगड़ी में हुआ था। इंजीनियरिंग की पढाई के बाद में वे टाटा कन्स्लटेंसी सर्विसेस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर चयनित होकर अभी वर्तमान में कार्यरत हैं। लेकिन देश सेवा के जुनून के कारण प्रतीक को सुख की नौकरी रास नहीं आयी।

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