प्रशांत किशोर और अंजनी कुमार होंगे CM नीतीश के नए सलाहकार!

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पटना: बिहार सरकार में अब सलाहकार की भूमिका अहम होने वाली है। राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए नीतीश कुमार सलाहकारों की नियुक्ति करने की तैयारी में हैं। सुशासन को धरातल पर लाने की भूमिका सलाहकारों की ही होगी।

आगामी 6 महीने नीतीश कुमार के लिए चुनौतियों से भरा होगा। इससे निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने एक खास रणनीति बनाई है। रणनीति के तहत नीतीश कुमार किसी भी एक आदमी को फ्री हैंड देने के मूड में नहीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चेक एंड बैलेंस नीति के तहत पावर सेंटर बनाने की तैयारी में हैं।

बता दें कि आने वाले दिनों में नीतीश कुमार दो सलाहकारों की नियुक्ति कर सकते हैं। एक सलाहकार प्रशांत किशोर होंगे, जिनकी जिम्मेदारी नीतीश कुमार के राजनीति को आकार देने की होगी। जबकि दूसरे सलाहकार के रूप में मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह हो सकते हैं। अंजनी कुमार सिंह की भूमिका सरकार पर प्रभावी नियंत्रण रखने की होगी।

नौकरशाहों को नियंत्रित करेंगे अंजनी कुमार
मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह इस महीने के अंत में अवकाश प्राप्त करने वाले हैं। माना जा रहा है कि आगामी मंगलवार को होने वाले कैबिनेट की बैठक के दिन अंजनी कुमार सिंह को सलाहकार बनाए जाने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। यह तय माना जा रहा है कि अंजनी कुमार सिंह मुख्यमंत्री के सलाहकार होंगे। अंजनी कुमार सिंह की भूमिका सरकार में अहम मानी जा रही है। ऐसा माना जाता है कि नौकरशाहों के अंदर जबरदस्त गुटबाजी है। अंजनी कुमार सिंह के पास गुटबाजी पर नियंत्रण स्थापित करने का खासा अनुभव है।

मिशन 2019 के लिए नीतीश कुमार के सारथी प्रशांत किशोर पटना पहुंच चुके हैं। पिछले कई दिनों से वह नीतीश कुमार के संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से प्रशांत किशोर को चुनावी राजनीति का जिम्मा देने की तैयारी में हैं। इससे पहले भी बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान नीतीश कुमार के सारथी के रूप में प्रशांत किशोर अपनी भूमिका निभा चुके हैं। प्रशांत किशोर इस बात पर गंभीर विमर्श कर रहे हैं कि 2019 लोकसभा चुनाव के साथ किन परिस्थितियों में बिहार विधानसभा का चुनाव कराया जा सकता है।

Source: etv bharat bihar

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