विश्व भर में प्रकाशपर्व से हुई बिहार की ब्रांडिंग, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी चार गुना

आस्था

प्रकाशपर्व के बाद से पटना साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में चार गुना से अधिक वृद्धि हुई है। पर्व के दौरान बेहतर व्यवस्था से श्रद्धालुओं के बीच सकारात्मक छवि पेश हुई। नतीजतन समारोह में आए श्रद्धालु अपने प्रदेश लौटने के बाद यहां की बेहतरी की चर्चा की। इससे श्रद्धालुओं का रुझान पटना साहिब की ओर बढ़ा।

जो लोग इस आयोजन में शरीक नहीं हो पाए वो अब पटना साहिब पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से इलाके में रोजगार के अवसर भी बढे हैं। साथ ही गुरुघर की कमाई भी कई गुना बढ़ गयी है। प्रकाश पर्व के पहले औसतन तीन से चार हजार श्रद्धालु प्रत्येक माह दरवार साहिब में मत्था टेकते थे।

यह आंकड़ा अब पन्द्रह हजार के पार कर गया है। गुरुघर से जुड़े आधा दर्जन भवनों के कमरे हमेशा फुल रहते हैं। कमेटी के सामने रिहाईश की समस्या खड़ी हो गयी है।









एक हजार से अधिक परिवारों को मिला रोजगार : श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल्स समेत गुरुघर के आसपास के इलाकों में रोजगार की बढ़ोत्तरी हुई है। हरिमंदिर गली, अशोक राजपथ, बाललीला गुरुद्वारा, कंगन घाट, गायघाट, गुरु का बाग में दर्जनों नई दुकानें खुल गयी हैं।

इससे जुड़े एक हजार से अधिक परिवारों को रोजगार मुहैया हुआ है। इन इलाकों में पिछले कुछ महीनों में पानी के गैलन की एक दर्जन से अधिक दुकानें खुल गयी हैं। इसे श्रद्धालु कंगनघाट पर गंगाजल भरने के लिए खरीदते हैं। बाललीला के पास तो वाहनों का स्टैंड ही खुल गया है। यहां ई-रिक्शा समेत कई ट्रैवल्स वाले श्रद्धालुओं को वाहन उपलब्ध कराते हैं।












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