आगरा. अपने जज्बे से जहां जीतने की ख्वाहिश को आगरा पुलिस (Agra Police) की सिपाही पूनम (Woman Constable Poonam) साकार कर रहीं हैं. अपन दस साले के बच्चे को हर दिन साथ लेकर न्यू आगरा थाने में ड्यूटी करने वाली पूनम नारी सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल हैं. पूनम के पति फौज में हैं और पूनम खाकी पहनकर कठिन हालात में भी अपने फर्ज को बखूबी निभा रहीं हैं. पूनम का मासूम बेटा आयुष न सिर्फ थाने के स्टॉफ का दुलारा है, बल्कि थाने आने वाले आगंतुक भी उसे प्यार करना नहीं भूलते.

पूनम अपना काम करती रहती हैं और उनकी नजर बार-बार अपनी प्यारे बच्चे की देखरेख भी करती रहती है.

पूनम जिस तरह से अपने फर्ज को निभा रही हैं, उससे पूरे जनपद में उनकी चर्चा हो रही है. अलीगढ़ की मूल निवासी पूनम की तैनाती पहले पुलिस लाइन में थी. उनका बच्चा जब छह माह का था, तभी से वह अपनी ड्यूटी निभा रही हैं. काम के प्रति पूनम के समर्पण को देखते हुए उनकी तैनाती आगरा के थाना न्यू आगरा में कर दी गयी. न्यू आगरा थाने में कुछ ही दिनों में पूनम को मासूम बेटा आयुष पूरे थाने का दुलारा हो गया.

थाने में प्रवेश करते ही आगंतुकों का पूनम स्वागत करती हैं. आगंतुक को कुर्सी पर बैठाने के बाद सिपहाी पूनम उसकी पूरी बात सुनती हैं. रजिस्टर में नाम, मोबाइल, फोन नंबर दर्ज करने के बाद पूनम फरियादी को संबंधित पुलिस अधिकारी के पास भेज देती हैं. अत्यंत लगन के साथ पूनम जब अपना कार्य करती हैं तो उनके सामने लगी मेज पर मासूम आयुष या तो बैठकर खेलता रहता है या फिर थक जाने पर गहरी नींद में सो जाता हैं. मां का शानदार किरदार निभाती पूनम अपनी ड्यूटी भी पूरी शिद्दत के साथ करती हैं.

उनके कार्य की प्रशंसा थानाध्यक्ष उमेश चंद्र त्रिपाठी भी करते हैं. थानाध्यक्ष के मुताबि पूनम पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहीं हैं. हर दिन महिला हेल्प लाइन में ड्यूटी करने के लिए पूनम अपने बच्चे आयुष के साथ आती हैं. आयुष को कुछ खिलौने पकड़ा दिये जाते हैं और पूनम अपनी वर्दी का फर्ज निभाने में जुट जाती हैं. आगंतुकों की शिकायतें लेकर उनसे सम्मानजनक बात करने के बाद पूनम शिकायत रजिस्टर में दर्ज करती हैं. इसके बाद शिकायतकर्ता को पूनम संबंधित अधिकारी के पास भेज देती 

नारी शक्ति की मिसाल बनीं पूनम ने बताया कि उनके बच्चे को थाने के पुलिस कर्मियों के साथ साथ आगंतुक भी बहुत प्यार करते हैं. लोगों से मिले प्यार से पूनम की शक्ति और बढ़ जाती है. कभी कभी पूनम बच्चे को सामने रखी मेज पर सुला देती हैं और पास बैठकर अपना कार्य करती हैं. पूनम के पति फौज में हैं और सीमा पर उनकी तैनाती है. इन हालातों में पूनम अपने बच्चे को रोज न्यू आगरा थाने लाती हैं और फिर अपनी डयूटी में जुट जाती हैं. पूनम को देखकर हर कोई उनके जज्बे की सराहना करता है. पूनम कहती हैं कि पति फौज में सीमा पर तैनात हैं. यहां वह खाकी पहनकर अपना कर्तव्य निभा रहीं हैं. पूनम के अनुसार वह और उनके पति दोनों देश की सेवा में जुटे हैं यह उनके परिवार के लिए गर्व की बात है

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