पीएमसीएच में 11 दिनों में दूसरी बार जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार, हड्डी रोग विभाग में 3 ऑपरेशन टले

जानकारी

पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों व एमबीबीएस इंटर्न के कार्य बहिष्कार पर ओपीडी और वार्ड में भर्ती मरीजों के इलाज पर आंशिक असर पड़ा। अन्य दिनों की तुलना में ओपीडी में मरीजों की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई, लेकिन इलाज के लिए उन्हें कुछ देर तक इंतजार करना पड़ा। भर्ती मरीजों के इलाज में मामूली परेशानी हुई।

हड्डी रोग विभाग और सर्जरी विभाग में तीन ऑपरेशन टाले गए। हड्डी रोग के एक वरीय चिकित्सक ने बताया कि ऑपरेशन के लिए पहले से ही समय दिया जा चुका था। इसलिए पहले दिन मरीजों के ऑपरेशन को टाला नहीं गया, लेकिन हड़ताल जारी रही तो मंगलवार से ऑपरेशन में कुछ मुश्किल हो सकती है। ओपीडी के अलग-अलग विभागों में भीड़ और लंबी कतार के कारण दूर से आए कुछ मरीज बिना इलाज कराए ओपीडी से लौट गए। कई मरीजों को डॉक्टर तक पहुंचने में तीन से चार घंटे लग गए।

 

कोरोना प्रोत्साहन राशि के भुगतान, नीट पीजी काउंसिलिंग, एमबीबीएस इंटर्न के मानदेय में बढ़ोतरी, और उच्च शिक्षा के लिए बॉन्ड की सेवा शर्तों में छूट की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर और एमबीबीएस इंटर्न सोमवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग पहले दिन ही कोरोना प्रोत्साहन राशि भुगतान करने पर सहमति दे चुका है। अन्य चार मांगों पर विचार के लिए 15 जनवरी तक समय देने की अपील भी की गई है। बावजूद इसके जेडीए देर शाम तक कार्य बहिष्कार पर अड़ा था।

 

इससे पहले सोमवार की सुबह 9:30 बजे से जेडीए के बैनर तले बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर और एमबीबीएस इंटर्न छात्र एक्सरे विभाग के समक्ष जमा हो गए थे। छात्रों ने एक स्वर में सरकार से अपनी सभी मांगों को तत्काल पूरी करने की मांग भी की। उन्हें समझाने अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर्ठएस ठाकुर और प्राचार्य डॉ. बीपी चौधरी भी धरनास्थल पर गए। उन्होंने एक मांग की मंजूरी संबंधी विभाग के आदेश की कॉपी भी जेडीए अध्यक्ष कुंदन सुमन व उसके पदाधिकारियों को सौंपी। साथ ही अन्य मांगों को जायज बताते हुए गरीब मरीजों के हित में कार्य पर लौटने की अपील भी की। बावजूद इसके जूनियर डॉक्टर अड़े रहे। 

सिविल सर्जन से 50 चिकित्सकों की तैनाती की मांग

जूनियर डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार का मरीजों के इलाज पर असर की आशंका को देखते हुए अस्पताल अधीक्षक ने सिविल सर्जन से 50 डॉक्टरों की तैनाती पीएमसीएच में करने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए सिविल सर्जन को पत्र भी लिखा है। उन्होंने प्राचार्य से भी क्लीनिकल स्टाफ और अन्य विभागों के डॉक्टरों को भी मरीजों के इलाज में लगाने की मांग की है।

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