दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में आज अरुण जेटली की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। सभा में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत बीजेपी के तमाम नेता मौजूद हैं। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि कभी सोचा नहीं था कि कभी ऐसा भी दिन आएगा कि मुझे मेरे दोस्त को श्रद्धांजलि देने के लिए आना पड़ेगा। इतने लंबे कालखंड तक अभिन्न मित्रता और फिर भी मैं उनके अंतिम दर्शन नहीं कर पाया, मेरे मन में इसका बोझ हमेशा बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों अरुण जी के लिए जो लिखा गया है, उनके लिए जो कहा गया है और अभी भी अनेक महानुभावों ने जिस प्रकार से अपनी स्मृतियों को यहां ताजा किया है इस सबसे अनुभव कर सकते हैं कि उनका व्यक्तित्व कितना विशाल था, कितनी विविधताओं से भरा हुआ था। पीएम ने आगे कहा कि वे सर्वमित्र थे, वे सर्वप्रिय थे और वे अपनी प्रतिभा, पुरुषार्थ के कारण जिसको जहां भी उपयोगी हो सकते थे, वे हमेशा उपयोगी होते थे।

इस सभी में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मेरे जीवन में कठिन से कठिन समय जब आया, मैं दिल्ली आया तो मुझे कभी नहीं लगा कि मैं अपने प्रदेश से बाहर आया हूं। वो हमेशा एक बड़े भाई की तरह खड़े रहे, चट्टान के जैसे मेरे साथ खड़े रहे। चाहे पार्टी के अंदर बात करनी हो, चाहे कानूनी लड़ाई लड़नी हो।

गृहमंत्री ने आगे कहा कि अपने बारे में सोचे बिना और अपनी पार्टी व विचारधारा के बारे में सोचते हुए कोई व्यक्ति कैसे अंतिम सांस तक काम कर सकता है, उसका अरुण जी उत्कृष्ट उदाहरण हैं।आपको ज्ञात हो कि पूर्व वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का लंबी बी’मा’री के बाद 24 अगस्त को एम्स में 66 वर्ष की आयु में नि’धन हो गया। सांस में तकलीफ की शिकायत के बाद जेटली को 9 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था। उनके नि’धन से शोक की लहर है। उनका नि’धन शनिवार 12 बजकर 7 मिनट पर हुआ।

66 साल की उम्र में जेटली इस दुनिया को अलविदा कह गए। अरुण जेटली पिछले दो वर्षों से बीमार थे । 2018 में, अरुण जेटली ने किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी कराई थी। चार साल पहले 2014 में अरुण जेटली ने मधुमेह की वजह से अतिरिक्त वजन को दूर करने के लिए बेरिएट्रिक सर्जरी कराई थी।

Sources:-Live News

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