आज पूर्णिया पहुँच रहे PM मोदी, बिहार के बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने

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बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी भले ही निकलने लगा हो, लेकिन बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं।

आज की बढ़ी खबर ये है की पीएम मोदी बिहार के लिए रवाना हो गए हैं। पीएम मोदी कुछ घंटों बाद ही पूर्णिया पहुंचेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पूर्णिया जाएंगे। राज्य सरकार मोदी को बाढ़ से राज्य में हुई भारी क्षति पर सरकार रिपोर्ट सौंपेगी। बताया जा रहा है की पीएम मोदी सुबह 10 बजे वायु सेना के विमान से पहुंचेंगे और सीमांचल का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

बाढ़ के कहर से बिहार में अब तक 418 मौतें

पीएम के आगमन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। पीएम पूर्णिया में बाढ़ की उच्चस्तरीय समीक्षा करेंगे। बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार , डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी सहित सर कार के तमाम अधिकारी मौजूद रहेंगे।

बिहार बाढ़ पीडि़तों के लिए राहत सामग्री

समीक्षा बैठक में राज्य सरकार बाढ़ से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी देगी। बताया जा रहा है कि करीब 10 हजार करोड़ के नुकसान का आंकलन अभी तक किया जा चुका है। हालांकि सूबे के 19 जिलों में बाढ़ से नुकसान की यह रिपोर्ट प्रारम्भिक है। आने वाले दिनों में नुकसान का सही आंकलन कर राज्य सरकार की ओर से ज्ञापन सौंपा जाएगा।




बिहार में बाढ़ का कहर जारी

बिहार में बाढ़ का मंजर इस कद्र दिखाई दे रहा है कि लग ही नहीं रहा है कि यहां कभी कोई गांव था। बाढ़ में गांव के गांव बह गए। (PTI)
बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी भले ही निकलने लगा हो, लेकिन बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। राज्य के कई क्षेत्रों में अभी भी बाढ़ का पानी फैला हुआ है।


पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ की चपेट में आने से 39 लोगों की मौत हो गई, जिससे बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 418 तक पहुंच गई है। बिहार में बाढ़ से 1़ 67 करोड़ से ज्यादा की आबादी प्रभावित है। बाढ़ की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है।

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया, “बाढ़ग्रस्त जिलों के प्रभावित इलाकों से अब बाढ़ का पानी उतर रहा है। अभी भी राज्य के 19 जिलों के 186 प्रखंडों की 1़ 61 करोड़ से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है।”

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़े के मुताबिक, राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ से 39 लोगों की मौत हुई है, जिस कारण बाढ़ से मरने वालों की संख्या 418 तक पहुंच गई है।

अररिया में सबसे ज्यादा 87 लोगों की मौत हुई है, जबकि किशनगंज में 24, पूर्णिया में नौ, कटिहार में 40, पूर्वी चंपारण में 32, पश्चिमी चंपारण में 36, दरभंगा में 26, मधुबनी में 28, सीतामढ़ी में 43, शिवहर में चार, सुपौल में 16, मधेपुरा में 22, गोपालगंज में 20, सहरसा में आठ, मुजफ्फरपुर में सात, समस्तीपुर में दो तथा खगड़िया और सारण में सात-सात लोगों की मौत हुई है।

सीवान के एक प्रखंड की चार पंचायतों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है। यहां से किसी की मौत की सूचना नहीं है।
आपदा प्रबंधन विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बाढ़ग्रस्त जिलों में राहत और मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित जिलों में लगातार सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ ) की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।

एक अधिकारी के मुताबिक, “राज्य के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में शिविरों में शरण लिए हुए लोग अब अपने घर लौटने लगे हैं। इस कारण राहत शिविरों की संख्या कम की जा रही है। फिलहाल 368 राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें करीब 1़59 लाख से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं। इन क्षेत्रों में अभी भी 1,403 सामुदायिक रसोई चल रही हैं।”

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