प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज द्वारका के डीडीए ग्राउंड में रावन दहन किया। रावण दहन करने के पहले उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत उत्सवों की भूमि है, शायद ही 365 में कोई एक दिन बचा होगा जब हिंदुस्तान के किसी न किसी कोने में उत्सव ना मनाया जाता हो। हजारों साल की सांस्कृतिक परम्परा के कारण हमारे देश ने उत्सवों को भी संस्कार का शिक्षा का और सामूहिक जीवन का एक निरंतर प्रशिक्षण करने का काम किया है।

पीएम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज विजयादशमी का पर्व है और उसके साथ-साथ हमारी वायुसेना का जन्मदिन भी है। हमारे देश की वायुसेना जिस प्रकार से पराक्रम की नई-नई ऊंचाईयां प्राप्त कर रही है, आइए हम सब हमारी वायुसेना की जांबाज जवानों को याद करें और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामना दें।

पीएम ने दशहरा उत्सव में कहा कि उत्सव हमें जोड़ते भी हैं और उत्सव हमें मोड़तें भी हैं। उत्सव हममें नई उमंग और उत्साह भी भरते हैं साथ ही नए-नए सपनों को सजने का सामर्थ्य भी देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब महात्मा गांधी की 150वीं जयंती हम मना रहें है तब सभी देशवासी संकल्प करें कि हम देश की भलाई के लिए एक संकल्प इस वर्ष में पूर्ण करके रहेंगे।

आपको बता कि दशहरा (विजयादशमी या आयुध-पूजा) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। दशहरे का उत्सव शक्ति और शक्ति का समन्वय बताने वाला उत्सव है। नवरात्रि के नौ दिन जगदम्बा की उपासना करके शक्तिशाली बना हुआ मनुष्य विजय प्राप्ति के लिए तत्पर रहता है। इस दृष्टि से दशहरे अर्थात विजय के लिए प्रस्थान का उत्सव का उत्सव आवश्यक भी है।

Sources:-Live news

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