मोदी को नीतीश ने दिखाया बिहार में बाढ़ का विनाश, बिहारवासियों की बड़ी मदद का इंतज़ार

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पीएम मोदी सीएम नीतीश कुमार के साथ हवाई सर्वेक्षण पर निकल गए हैं। पीएम बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं। पूर्णिया के चूनापुर हवाई अड्डे पर वायुसेना के विमान से पीएम बाढ़ के हालात का जायजा लेने पहुंचे। सीएम नीतीश कुमार ने पीएम मोदी की अगुवाई की है।

चूनापुर से वह हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज इलाके का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी साथ रहेंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी राज्य में आये भीषण बाढ़ का जायजा लेने पूर्णिया पहुंचे हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक मोदी सुबह वायुसेना के विमान से पूर्णिया पहुंचें हैं जहां से वो बिहार के बाढ़ग्रस्त चार जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

पूर्णिया में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। प्रधानमंत्री हवाई सर्वेक्षण के लिये अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण के बाद पूर्णिया में ही बाढ़ की स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा करेंगे।

हवाई सर्वेक्षण के दौरान पीएम के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार भी होंगे जबकि समीक्षत्मक बैठक में बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

45 मिनट की समीक्षा बैठक में राज्य सरकार की तरफ से बाढ़ से हुई क्षति का विस्तृत ब्योरा प्रधानमंत्री को सौंपा जायेगा। बैठक के बाद प्रधानमंत्री वापस दिल्ली लौट जाएंगे। गौरतलब है कि राज्य के 19 जिलों के 186 प्रखंडों की 1.61 करोड़ से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित है. बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 418 लोगों की मौत हो चुकी है।
प्रधानमंत्री के बिहार के एक दिवसीय दौरे के बारे में मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों के हवाई सर्वेक्षण के बाद वह मुख्यमंत्री के साथ चूनापुर एयरबेस के कांफ्रेंस हॉल में एक बैठक करेंगे। केंद्र व राज्य सरकार के आला अधिकारी भी इस उच्चस्तरीय बैठक में मौजूद रहेंगे।

प्रधानमंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक के पहले शुक्रवार की सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों के साथ बैठक की। सभी विभागों के प्रधान सचिवों ने अपने-अपने महकमे को हुए नुकसान से संबंधित एक आरंभिक प्रतिवेदन मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री के स्तर पर प्रतिवेदन के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अकेले आपदा प्रबंधन विभाग ने 3500 करोड़ रुपये की जरूरत का आकलन किया है। पथ निर्माण विभाग ने 215 सड़कों को हुए नुकसान के आधार पर 780 करोड़ रुपये की आवश्यकता का आकलन किया है।

कृषि विभाग ने 2100 करोड़, पशुपालन ने 1500 करोड़ और ग्रामीण कार्य विभाग ने 1200 करोड़ रुपये का आकलन नुकसान की भरपाई के लिए किया है। आकलन बाद में संशोधित भी किए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री को एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीमांचल में फ्लैश फ्लड के कारण हुए नुकसान की जानकारी दी जाएगी ।

 

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