प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में पश्चिमी चंपारण जिले के एक अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का जिक्र किया। भैरोगंज स्थित इस स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने हजारों मरीज अपना फ्री हेल्थ चेकअप कराने आते हैं। 1985 में राज्य सरकार ने यह अस्पताल अपने नियंत्रण में ले लिया था। उससे पहले यह स्वास्थ्य केंद्र अनुदान पर चलता था।

स्वास्थ्य केंद्र में दो डॉक्टर तैनात हैं। एक डॉ. केके शुक्ला। दूसरे डॉ. फैजुल्लाह। डॉ. केके शुक्ला ने बताया कि यहां हर महीने करीब 1000 से 1500 मरीज अपना फ्री हेल्थ चेकअप कराने आते हैं। गर्मियों ने हर रोज 100 से ज्यादा लोग और ठंड में 40 से 50 लोग यहां इलाज कराने आते हैं। समय-समय पर स्पेशल कैंप भी लगाया जाता है।

अस्पताल में है ये सुविधाएं …..
केके शुक्ला ने बताया कि अस्पताल में अपोडी और डिलेवरी की सुविधाएं हैं। लैब है जहां कई प्रकार के टेस्ट होते हैं। जो टेस्ट यहां नहीं हो सकते उसके लिए मरीजों को अनुमंडल अस्पताल रेफर किया जाता है। यहां टीबी के मरीजों का भी इलाज होता है। स्वास्थ्य केंद्र साल से चौबीसों घंटे खुला रहता है। समय-समय पर कैंप लगाकर कॉपर्टी और टीकाकरण भी किया जाता है। अस्पताल में दो डॉक्टर के अलावा ए ग्रेड की दो नर्सें, एक लैब टेक्निशियन, एक क्लर्क, एक फोर्थ ग्रेड कर्मचारी, एक डाटा ऑपरेटर और एनजीओ की तरफ से दो गार्ड कार्यरत हैं।

डॉक्टर केके शुक्ला ने बताया कि बीते 8 दिसंबर को भी यहां फ्री हेल्थ कैंप लगाया गया था। हमें उम्मीद थी कि करीब दो से तीन सौ लोग चेकअप कराने पहुंच गए लेकिन संख्या करीब एक हजार से ज्यादा हो गई। चेकअप के लिए कुछ डॉक्टर बाहर से भी आए थे। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। यहां साल में एक या दो बार आंखों की जांच के लिए भी कैंप लगाए जाते हैं।

बेतिया के एक बुजुर्ग व्यक्ति सोमनाथ सिंह ने बताया कि करीब 50 साल पहले चनऊ जाति के कुछ लोगों द्वारा अस्पताल के लिए जमीन दान किया गया था। तब से यह अस्पताल अनुदान पर चलता था। डॉक्टर केके शुक्ला का कहना है कि 1985 में सरकार ने इस अस्पताल को लिया और यहां सरकारी डॉक्टरों और नर्सों की तैनाती की गई।

Source – Bhaskar

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