सोने के बाद अब गया में मिला प्लैटेनियम का भंडार, बिहार का अब होगा तेजी से विकास

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बिहार के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में शुमार गया के इमामगंज प्रखंड में प्रचुर मात्र में सोना से भी कीमती धातु ‘प्लेटिनम’ पाए जाने के प्रमाण मिले हैं। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआइ) की टीम ने इमामगंज में प्लेटिनम की तलाश में जी-4 स्तर के सर्वे का काम पूरा कर लिया है।

इस सर्वे में इमामगंज और उसकी आसपास की पहाड़ियों में प्लेटिनम के अवशेष मिले हैं। नक्सलियों की मांद कहे जानेवाले इस इलाके में जी-3 स्तर के सर्वे लिए अब जीएसआइ ने राज्य सरकार से पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।

खान एवं भूतत्व विभाग को जीएसआइ ने सूचित किया है कि वह इमामगंज में प्लेटिनम की तलाश में जी-3 स्तर का सर्वे 2018 के अप्रैल में शुरू करना चाहता है। इतना ही नहीं, जीएसआइ की टीम ने राज्य सरकार को गया जिला के अन्य इलाकों में निकेल और क्रोमियम जैसे धातु के भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होने की संभावना व्यक्त की है।

लेकिन इसके लिए जी-4 स्तर का सर्वे अभी शुरू नहीं किया गया है। हालांकि जी-4 स्तर के सर्वे से पहले की सभी जांच पूरी कर ली गई है और नतीजे सकारात्मक रहे हैं। जीएसआइ ने गया में निकेल और क्रोमियम जैसी कीमती धातु की तलाश के लिए जी-4 स्तर का सर्वे वर्ष 2018-19 से शुरू करने की बात कही है।

पिछले दिनों खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक की अध्यक्षता में बिहार राज्य भूतात्विक कार्यक्रम पर्षद की बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में जीएसआइ के उप महानिदेशक, भारतीय खान ब्यूरो, नागपुर, रांची स्थित मेकन, सीएमपीडीआइएल के प्रतिनिधियों के अलावा पर्यावरण एवं वन विभाग के प्रधान सचिव समेत कई अधिकारियों ने शिरकत की थी।

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