PK ने खुद बताया- कांग्रेस से क्यों नहीं बनी बात? बोले- उनके पास प्रशांत किशोर से अधिक सक्षम लोग

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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस के साथ उनका मतभेद केवल इतना था कि वह कांग्रेस के पावर्ड एक्शन ग्रुप का सदस्य नहीं बनना चाहते थे, क्योंकि वह समूह कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यकारी आदेश के तहत काम करेगा। प्रशांत किशोर ने देश की सबसे पुरानी पार्टी में शामिल होने के प्रस्ताव को ठुकराने की बात पर कहा, “मैंने सोचा कि इस तरह के एक समूह में कोई बड़ा बदलाव लाने की शक्ति नहीं होगी। मैं कांग्रेस में कुछ भी नहीं जोड़ सकता था।”

पीके ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ”कांग्रेस को यह तय करने की जरूरत है कि वे आगे कैसे काम करना चाहती है, मुझे नहीं। कांग्रेस को किसी प्रशांत किशोर की आवश्यकता नहीं है, पार्टी के पास और भी अधिक सक्षम लोग हैं। वे जानते हैं कि उन्हें क्या करना है।”

प्रशांत किशोर ने कहा, “कांग्रेस ने पार्टी की वर्तमान स्थिति के आकलन पर पूरी गंभीरता दिखाई। पार्टी ने समितियों का गठन किया। शीर्ष नेतृत्व कई बार मिले। मैंने जो सोचा और जो मैंने उन्हें बताया, वे उससे पूरी तरह सहमत थे।” प्रशांत किशोर ने कहा, “पार्टी की बेहतरी के लिए जरूरी तरीकों पर गहन चर्चा हुई। उस पर भी सहमति बनी।”

योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व और प्रशांत किशोर के बीच मतभेद पैदा हो गया। पीके ने कहा, “वे मुझे एक पावर्ड एक्शन ग्रुप के सदस्य के रूप में चाहते थे। कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यकारी आदेश के साथ एक पावर्ड एक्शन ग्रुप का गठन किया जाएगा। अब एक कार्यकारी आदेश द्वारा गठित समूह के पास और दीर्घकालिक परिवर्तन पूरी तरह से लाने की शक्ति और स्वीकृति नहीं होगी। क्योंकि पार्टी का एक संविधान है। इस तरह का एक बाहरी समूह जिसे पार्टी के संविधान द्वारा मंजूरी नहीं मिल सकती है आगे चलकर कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।”

प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं आभारी हूं कि उन्होंने मेरी बात सुनी। लेकिन मुझे लगा कि मैं पार्टी में कुछ नहीं जोड़ पाऊंगा। इसलिए मैंने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।”

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई दिनों की बैठकों के बाद 26 अप्रैल को प्रशांत किशोर ने घोषणा की कि उन्होंने पार्टी में शामिल होने के कांग्रेस के ‘उदार प्रस्ताव’ को अस्वीकार कर दिया है।

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