पितृपक्ष मेला 28 सितंबर से होगा शुरू, गयाजी आने से पहले जान लीजिए ये जरूरी बातें नहीं तो हो सकती है परेशानी

खबरें बिहार की जानकारी

बिहार के तीर्थ स्थल गया में 28 सितंबर से 14 अक्टूबर के बीच पितृपक्ष मेला शुरू हो रहा है। इस दौरान देश-विदेश से लाखों की संख्या में हिंदू यहां आकर अपने पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए श्राद्ध और कर्मकांड करने गयाजी आते हैं। पितृपक्ष मेला को लेकर जिला प्रशासन बारीकी से समीक्षा करते हुए तैयारी में जुटा है।

गयाजी आने वाले पिंडदानियों को बेहतर व्यवस्था मिले, इसके लिए जिला प्रशासन ने हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन पितृपक्ष मेला के दौरान कितनी संख्या में पिंडदानी एवं उनके स्वजन आएंगे, इसकी  जानकारी प्रशासन को नहीं है।

इसलिए इस बार जो तीर्थयात्री पितृपक्ष मेला में अपने पितरों के श्राद्ध और कर्मकांड करने के लिए गयाजी आना चाहते हैं। वे लोग जान लें कि क्‍या-क्‍या व्‍यवस्‍थाएं पहले से करनी होंगी ताकि यहां आने वाले तीर्थयात्रा और उनके परिवार को किसी तरह की समस्या न हो…

होटल में कर लें पहले से बुकिंग

जिला प्रशासन ने गया और बोधगया (Bodh Gaya) के होटल संचालकों के साथ बैठक की है। साथ ही उन लोगों को हिदायत दी है कि पितृपक्ष मेले के दौरान होटल में एसी, नॉन एसी,डॉरमेट्री के किराये को अपने-अपने बोर्ड पर डिस्प्ले करें। साथ ही होटल में कितने कमरे हैं, इसकी जानकारी भी दें।

पितृपक्ष मेला शुरू होने में महज एक पखवारे का समय शेष रह गया है। वहीं मौजूदा समय में गया और बोधगया में करीब 400 होटल व गेस्ट हाऊस में कमरा हाऊस फुल हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में तीर्थयात्री पहले से होटल में कमरा बुक करा लें। होटल में कमरा बुक नहीं कराने पर पिंडदानियों व उनके स्वजनों को परेशानी हो सकती है।

ऑनलाइन बुकिंग करने की है सुविधा

ज्ञान की भूमि बोधगया और मोक्ष की धरती गया में संचालित होटलों की अपनी-अपनी वेबसाइट है, जिस पर होटल के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध है। इसके साथ ही कमरे की उपलब्धता और किराया व अन्य जानकारी के लिए होटल ने अपना नंबर भी दिया है।

एक जानकार होटल संचालक बताते है कि कमरा का किराया जारी करने पर कई विभाग के जांच का खतरा बढ़ जाता है। इस कारण से नंबर से ही संपर्क स्थापित करने वाले लोगों को यह जानकारी दी जाती है।

एचआरएसीसी के मानक पर हैं कितने होटल?

बोधगया होटल कारोबार से जुड़े एक संचालक बताते है कि गया और बोधगया में जो होटल संचालित है। वह सब एक ही श्रेणी में है, लेकिन किराया अलग- अलग निर्धारित है।

होटल को ग्रेडिंग करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली एचआरएसीसी (HRACC) यानि होटल और रेस्तरां प्रत्यायन समिति गठित है, जो होटलों का रेटिंग करती है, लेकिन बोधगया में होटल व्यवसायी खुद अपने रेट तय कर वेबसाइट पर डाल देते हैं। एचआरएसीसी के मानक पर गया और बोधगया में कोई भी होटल संचालित नहीं है।

कहां-कहां मिलेंगे होटल?

अधिकांश होटल गया शहर में है। रेल मार्ग से आने वाले पिंडदानी गया रेलवे स्टेशन रोड, गुरुद्वारा रोड, स्वराजपुरी रोड, राय काशीनाथ मोड, रामपुर थाना के समीप और एपी कॉलोनी आदि मार्गों पर होटल संचालित है, लेकिन यहां यातायात की समस्या बराबर बनी रहती है। मानपुर में रिसोर्ट संचालित है, वहां भी ठहर सकते हैं। जिन पिंडदानियों के पास अपनी निजी वाहन की सुविधा है। वह बोधगया में ठहर सकते हैं। यहां पर पार्किंग के साथ होटल की व्यवस्था है।

मेला में बेहतर होगा कारोबार

बोधगया होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुदामा प्रसाद बताते है कि पितृपक्ष मेला को लेकर होटल व्यवसायी उत्साहित है। होटल में कमरे की बुकिंग ऑनलाइन  और स्थानीय स्तर पर गयापाल पुरोहित करा रहे हैं। अधिकांश कमरा की बुकिंग हो गई है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *