पटना का एक पावर ग्रिड जो बन चुका है नारी शक्ति का प्रतीक

खबरें बिहार की

पटना : मां दुर्गा शक्ति का प्रतीक हैं। उनकी आराधना शक्ति की उपासना है। दुर्गा पूजा के उत्सव में प्रकाश और साज सज्जा का विशेष महत्व है। इस बार बिहार सरकार ने दुर्गा पूजा के मौके पर पटना में 24 घंटे बिजली बहाल रखने की बात कही है। दुर्गा पूजा के मौके पर पटना का एक इलेक्ट्रिक पावर हाउस चर्चा में है पिछले कुछ समय से नारी शक्ति का प्रतीक बन गया है।

पटना के करबिगहिया पावर ग्रिड की कमान महिलाओं के हाथ में है। यहां इंजीनियर लेकर सुरक्षा प्रहरी तक महिलाएं ही हैं। इस ग्रिड में दो महिला इंजीनियर तैनात हैं जबकि उनके साथ बारह महिला ऑपरेटर काम करती हैं। सहायक ऑपरेटर संगीता और जूनियर इंजीनियर अलका रानी ने लाईव बिहार से बातचीत में कहा कि उन्हें इस जिम्मेदारी को निभाने में बहुत आत्मसंतोष मिल रहा है। महिलाएं भी चुनौतीपूर्ण कार्य कर सकती हैं।

अलका रानी इस ग्रिड में जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में काम कर रही हैं। अलका बताती हैं कि ‘फ़ोन पर जब उन्हें यह सूचना मिली कि उन्हें इस ग्रिड में जूनियर इंजीनियर का पदभार दिया गया है तो ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।  अब इस ज़िम्मेदारी को निभाते हुए यह एहसास हो रहा है कि महिला सशक्तिकरण को अब अंजाम तक पहुंचाना है।’ हम अच्छे से ग्रिड संचालन करते हैं और बिना किसी रुकावट के बिजली का प्रबंधन भी करते हैं।

सहायक ऑपरेटर संगीता कुमारी ने बताया कि हम महिलाओं पर आज इतना भरोसा किया जा रहा है, यह बड़ी बात है। इस ग्रिड में केवल महिलाओं का ग्रुप होगा; यह जानकर बहुत ही अच्छा लगा और आश्चर्य भी हुआ। हमने अभी यहां शुरूआत ही की है । हमें यहां आए सात महीने ही हुए हैं लेकिन बहुत खुशी मिल रही है कि हमें एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी मिली है।

पटना में आज जहां करबिगहिया ग्रिड है, वहां कभी थर्मल पावर प्लांट हुआ करता था। 1970 के दशक के शुरुआत में यहां पांच मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता था और ये बिजली पटना को सप्लाई की जाती थी। ये पुरानी बात हो गई।

आज महिलाओं की ये टीम इस ग्रिड को संभाल रही है। इनके विशिष्ट योगदान की सरकार ने भी सराहना की है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 13 अगस्त 2017 को इस टीम को सम्मानित किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.