स्टाफ को खल रही थी कैंटीन की कमी… रेलवे ने बेकार पड़े ट्रेन के डब्बे को बनाया Cafeteria

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पटना से सटे दानापुर रेलवे स्टेशन के पास खुला एक कैफेटेरिया इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है. पूर्व-मध्य रेल महिला कल्याण संगठन ने दानापुर कोचिंग डिपो में पड़े एक बेकार रेलवे कोच को कैफेटेरिया में बदला है. पूर्व मध्य रेल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा कौमुदी त्रिवेदी ने रेलकर्मियों के लिए अनुपयोगी कोच का जीर्णोद्धार कर इसे स्टाफ कैंटीन का रूप दिया और इस अनोखे कैफिटेरिया का उद्घाटन किया.


पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया है कि पूर्व मध्य रेल में पहली बार इस प्रकार का कार्य किया गया है. जिसमें बेकार हो चुके रेलवे के कोच को स्टाफ कैफेटेरिया के रूप में विकसित किया गया. वर्ष 2019 के बाद रेलवे द्वारा इस डब्बे को बेकार घोषित कर दिया गया था. इसे दानापुर कोचिंग डिपो के अंदर वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट के पास स्थापित किया गया है.

25 साल पुराना है ये रेल डब्बाइस कैफेटेरिया का विकास दानापुर कोचिंग डिपो के ही कर्मचारियों द्वारा खाली समय में योगदान देते हुए अंदरूनी स्रोतों से किया गया है. बेकार पड़े रेल डब्बे को कैफेटेरिया बनाने में किसी प्रकार के सरकारी राजस्व का व्यय (खर्च) नहीं हुआ है. बता दें कि कोच संख्या ईसी जी 94504 को 1994 में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, पेरांबुर, चेन्नई द्वारा बनया गया था.

रेलवे द्वारा बनाए गए कैफेटेरिया में बैठीं महिलाएं
रेलवे द्वारा बनाए गए अनोखे कैफेटेरिया में बैठीं महिलाएं

Sources:-News18.com

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