पटना PFI टेरर ट्रेनिंग कैंपः नफरत का पाठ पढ़ाने वाला वकील नुरुद्दीन लखनऊ से गिरफ्तार, एनआई की टीम आ रही पटना

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बिहार के फुलवारी से चलाई जा रही देश विरोधी गतिविधियों के मामले में नामजद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सक्रिय सदस्य नुरुद्दीन जंगी को शनिवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया। पटना पुलिस ने यूपी एटीएस की मदद से लखनऊ के मवैया मेट्रो स्टेशन के पास से नुरुद्दीन जंगी उर्फ एडवोकेट नुरुद्दीन, पुत्र मो. मोहिउद्दीन को धर दबोचा।

उधर, पीएफआई से जुड़े नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पटना पुलिस ने शनिवार को भी मधुबनी, कटिहार, अररिया, नालंदा, फुलवारीशरीफ, दरभंगा आदि जगहों पर छापेमारी की। पुलिस ने सिंहवाड़ा थाने के शंकरपुर में पीएफआई सदस्य मो. आकिब और मो. मुस्तकीन के घरों पर भी छापेमारी की। हालांकि वह दोनों भी घर पर नहीं मिले। यहां लोगों ने बताया कि आरोपित अभी घर पर नहीं रह रहे हैं। तीनों बाहर रहते हैं। लखनऊ से गिरफ्तार नुरुद्दीन मूलरूप से बिहार के दरभंगा जिला स्थित उर्दू बाजार शेर मोहम्मद गली का रहनेवाला है। पुलिस ने दरभंगा स्थित उसके घर पर भी छापेमारी की।

आरोपित को लेकर पुलिस लखनऊ से  पटना रवाना हो चुकी है। यहां आने पर पुलिस और जांच एजेंसियां उससे पूछताछ करेंगी। वह लखनऊ में चारबाग स्थित मुस्लिम मुसाफिरखाना में रुका हुआ था। नुरुद्दीन अधिवक्ताओं के माध्यम से पीएफआई और एसडीपीआई के सदस्यों से संबंधित मुकदमों की पैरवी न्यायालयों में करता है। पटना एसएसपी डॉ. मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि अबतक पीएफआई से जुड़े चार व गजवा-ए-हिंद से जुड़े एक संदिग्ध समेत कुल पांच लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। 21 नामजद आरोपित अभी फरार हैं। पीएफआई से जुड़े कुल 26 लोगों के खिलाफ फुलवारीशरीफ थाने में एफआईआर दर्ज
की गई है।

एनआईए की टीम आयेगी पटना

फुलवारीशरीफ में पीएफआई के बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद इसकी जांच एनआईए (राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी) करेगी। वहीं, ईडी इसमें टेरर फंडिंग के मामले की जांच करने जा रही है। जल्द दोनों केंद्रीय एजेंसियों के पास यह मामला जांच के लिए भेजा जायेगा।

पटना पुलिस शुक्रवार को ही लखनऊ रवाना हो गई थी

पटना एसएसपी ने बताया कि फुलवारीशरीफ में दर्ज एफआईआर में नुरुद्दीन जंगी उर्फ एडवोकेट नुरुद्दीन नामजद आरोपित है। तकनीकी अनुसंधान में उसका लोकेशन लखनऊ के मवैया इलाके में मिला। इस आधार पर शुक्रवार की देर रात को ही पटना पुलिस की पांच सदस्यीय टीम लखनऊ के लिए रवाना कर दी गई थी। लखनऊ पहुंचकर पटना पुलिस ने वहां के पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधा। इसके बाद लखनऊ के मवैया थाना पुलिस व यूपी एटीएस के सहयोग से छापेमारी कर नुरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। पीएफआई से जुड़े अतहर परवेज ने गिरफ्तारी के दौरान नुरुद्दीन की भी संलिप्तता बताई थी। इसके बाद से ही पुलिस उसकी
गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में जुटी थी। नुरुद्दीन जंगी की गिरफ्तारी पटना पुलिस के लिए बड़ी सफलता है। एनआईए और ईडी जांच की जिम्मेदारी संभाल सकती है।

मजहरुल के ठिकानों पर भी पुलिस ने मारे छापे

एसएसपी ने बताया कि पीएफआई से जुड़े नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए गठित की गईं पुलिस की आठ टीमों ने शनिवार को भी कई जिलों छापेमारी की। पुलिस ने आरोपित मुजफ्फरपुर के मजहरुल इस्लाम के ठिकानों पर भी छापा मारा। दरभंगा के उर्दू मोहल्ले में नुरुद्दीन के घर पर भी पुलिस पहुंची।

दरभंगा का रहने वाला है जंगी, लड़ा था विधानसभा चुनाव

मोहम्मद नूरुद्दीन जंगी, जिसे शुक्रवार देर शाम लखनऊ में धार्मिक वैमनस्य पैदा करने और इस उद्देश्य के लिए निर्दोष मुसलमानों को प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, दरभंगा के लहेरियासराय का निवासी है। उन्होंने सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के बैनर तले दरभंगा से 2020 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, जो पीएफआई से संबद्ध है और उसे 600 वोट मिले। उन्होंने 2017 में दरभंगा के सी एन लॉ कॉलेज से कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और कई मामलों में अदालतों में पीएफआई और एसडीपीआई से जुड़े आरोपियों का बचाव करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

 

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