पटना में तेज गति से गाड़ी चलाना पड़ेगा महंगा, पुलिस का इंटरसेप्टर वाहन बढ़ाएगा परेशानी

खबरें बिहार की जानकारी

 राजधानी के विकास के साथ ही वाहनों के सुचारू आवागमन के लिए तेजी से एलिवेटेड रोड और हाइवे का निर्माण हो रहा है। इन सड़कों पर वाहन चलाने की गति सीमा तय है। चालक सड़कों पर वाहन चलाने वक्त की गति पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे वाहन चालकों पर अब यातायात पुलिस के इंटरसेप्टर वाहन नकेल कसेंगे। इंटरसेप्टर वाहन स्पीड रडार गन से युक्त है। मुख्यालय द्वारा यातायात पुलिस को पांच इंटरसेप्टर वाहन दिए गए हैं। हाल के दिनों में अटल पथ, बेली रोड व बाइपास पर कई दुर्घटनाएं हुई हैं। यातायात पुलिस के मुताबिक अकेले जनवरी महीने में राजधानी में कुल 24 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 25 लोगों की असमय मौत हो गई और एक दर्जन लोग घायल भी हुए।

सबसे ज्यादा दुर्घटना बाइपास यातायात थाना क्षेत्र में घटी। वहीं, अटल पथ और बेली रोड पर भी कई जानलेवा हादसे हुए। यातायात पुलिस अधिकारियों की माने तो ज्यादातर दुर्घटना की वजह वाहनों की तेज गति थी। जिसके बाद स्पीड रडार गन का प्रयोग कर तेज गति वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। वर्तमान में यातायात पुलिस के पास पांच स्पीड गन है। यातायात पुलिसकर्मी पहले तक स्पीड गन को हाथ में लेकर चालान काटते थे। वहीं स्पीड गन के कैमरे और प्रिंटर की क्षमता कम थी। जिससे यातायात कर्मियों को दिक्कत होती थी। इसके कारण यातायात पुलिस को इंटरसेप्टर वाहन से लैस करने का निर्णय लिया गया। दो-दो इंटरसेप्टर वाहन गांधी मैदान और बाइपास यातायात थाना जबकि एक सगुना मोड़ यातायात थाना को दिया गया है।

कई सुविधाओं से लैस है इंटरसेप्टर वाहन 

मारूति अर्टिगा कंपनी के इंटरसेप्टर वाहन में चालक सहित चार लोगों के बैठने की जगह है। वहीं, पीछे की ओर स्पीड गन के साथ ही प्रिंटर और एक यूपीएस इंस्टाल किया गया है। यूपीएस को चार्ज करने के लिए कार की छत पर एक सोलर पैनल लगाया गया है। वहीं वाहन के सामने की तरफ बेकान लाइट लगी हुई है। एक वाहन की कीमत करीब 12 लाख रुपये है

क्या कहते हैं अधिकारी

एसएसपी मानवजीत सिंह ढिलों ने कहा कि तेज गति और शराब पीकर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस सख्ती बरत रही है। तेज गति वाहन चालकों पर कार्रवाई के लिए यातायात पुलिस को पांच इंटरसेप्टर वाहन के साथ ही शराब पीने वाले वाहन चालकों की जांच के लिए 21 ब्रेथ एनालाइजर मशीन दी गई है। इंटरसेप्टर वाहन द्वारा अभियान चलाकर तेज वाहन चालकों चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। इससे वाहनों की तेज गति के कारण हो रहे हादसे में कमी आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.