पटना में सिंदूर खेला के साथ की गई मां दुर्गा की विदाई, घाटों पर हुआ मूर्ति विसर्जन

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राजधानी पटना में विजयादशमी के मौके पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं की पूजन और आरती के बाद बुधवार को ज्यादातर जगहों पर विसर्जन (भसान) कर दिया गया। गायघाट सहित शहर के तमाम गंगा घाटों पर छोटी-बड़ी मूर्तियों के साथ-साथ लोग कलश और पूजन सामग्री गंगा में प्रवाहित करने पहुंचे। कालीबाड़ी में महिलाओं ने आपस में सिंदूर की होली (सिंदूर खेला) खेलकर मां को विदा किया।

लोगों ने मूर्तियों के भसान के बाद गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। घाट का पूजन कर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, शांति, उन्नति का वरदान मांगा। गंगा घाटों पर मां की प्रतिमा के विसर्जन के मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद दिखी। इस मौके पर मां की प्रतिमा की विदाई ढोल, ढाक और मां के गीतों के साथ दिया गया।

कालीबाड़ी में सिंदूर खेला


बांग्ला विधि से मां दुर्गा की प्रतिमा करने वाले पूजा पंडालों और कालीबाड़ी में भी बुधवार को प्रतिमा का विसर्जन किया गया। परंपरा के अनुसार प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाने के पहले बंगाली महिलाओं ने मां का शृंगार किया। उन्हें प्रसाद और भोग लगाया। पान के पत्तों से उनकी पूजा की। बाद में मां को सिंदूर चढ़ाकर आपस में सिंदूर की होली (सिंदूर खेला) खेलकर मां को विदा किया। पटना कालीबाड़ी के अशोक चक्रवर्ती कहते हैं कि सिंदूर खेला बंगाली महिलाएं अपने पति के दीर्घ आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए करती हैं।

 

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