पटना में आज और कल दोनों दिन मनेगी देव दीपावली, चंद्रग्रहण के समय बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट

आस्था खबरें बिहार की

बिहार की राजधानी पटना में इस बार देव दीपावली कई मठ-मंदिरों में धूमधाम से मनाने की तैयारियां चल रही हैं। कार्तिक पूर्णिमा (8 नवंबर) पर चंद्र ग्रहण लगने के कारण कई जगहों पर सोमवार 7 नवंबर को देव-दीपावली मनाई जा रही है, जबकि कई मंदिरों में चंद्र ग्रहण के बाद लोग दीप जलाएंगे। यानी कि आज और कल दोनों दिन देव दीपावली मनाई जाएगी।

सालिमपुर अहरा स्थित शिव-दुर्गा-हनुमान मंदिर के प्रबंधन से जुड़े संजय कुमार और विद्या सिंह कहते हैं कि पहली बार मंदिर में देव दीपावली मनायी जा रही है। इस मौके पर मंदिर की तरफ से 5555 दीप जलाएं जाएंगे। इसके लिए 45 किलो से ज्यादा सरसों तेल की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा साढ़े पांच हजार दीप भक्तों की तरफ से जलाने की उम्मीद है। आठ नवंबर की सुबह से रामनाम का अखंड कीर्तन भी स्थानीय लोगों द्वारा होगा।

8 नवंबर को गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी, कंकड़बाग साईं मंदिर में भी दीप जलेंगे। प्रबंध न्यासी प्रो. रणवीर नंदन ने कहा कि देव-दीपावली के मौके पर ठाकुरबाड़ी की भव्य सजावट की जाएगी। इस मौके पर ठाकुरबाड़ी में 501 दीप चंद्रग्रहण के बाद जलाए जाएंगे। कंकड़बाग साईं मंदिर के न्यासी राजेश डब्ल्यू ने कहा कि कार्तिक साईं बाबा का विशेष शृंगार किया जाएगा। उन्हें विशेष भोग लगाया जाएगा और भक्तों के बीच प्रसाद वितरण होगा। देव-दीपावली के मौके पर मंदिर में 108 दीपक जलाए जाएंगे।

मंदिर के कपाट रहेंगे बंद

8 नवंबर की शाम चंद्रग्रहण के कारण शहर में मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। ग्रहण के एक घंटे के पहले आमतौर पर मंदिरों के कपाट बंद किए जाएंगे और ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर धोने और विग्रहों के स्नान के बाद कपाट भक्तों के लिए खोला जाएगा।

कच्ची तालाबा पर पहली बार हुई महाआरती

गर्दनीबाग स्थित कच्ची तालाब पर पहली बार महाआरती का आयोजन किया गया। इसके लिए बनारस की टीम बुलायी गई। रविवार शाम को आरती तीन घंटे चली। तालाब के पूर्वी हिस्से और सूर्य नारायण मंदिर के दाहिनी तरफ मुख्य मंच पर आरती के लिए पंडितों की टीम मौजूद रही। केएम कॉस्मिक फाउंडेशन की ओर से कार्यक्रम हुआ।

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