पटना-कोलकाता एक्सप्रेस-वे बिहार का पहला सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा

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Patna: बिहार का पहला सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे पटना-कोलकाता एक्सप्रेस-वे होगा। भारत माला फेज-2 में शामिल बिहार की सड़कें, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की तरह होंगी। पटना में बन रहा रिंग रोड का भारत माला फेज-1 के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। इसका काम पूरा होते ही पूर्वांचल एक्सप्रेस वे जैसी सड़कें पटना में भी दिखेंगी। उक्त बातें पटना निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कही। मंत्री ने यह भी बताया कि बिहार सरकार हर गांव को 40 किलोमीटर की दूरी में फोरलेन से जोड़ेगी। इसको लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मंत्री ने कहा कि पिछले 15-16 वर्षों में बिहार में सड़क क्षेत्र में कई बड़े कार्य हुए हैं। पूरे बिहार में यातायाता सुविधा सुगम और कनेक्टिविटी सहज हो गई है। किसी भी जिले, शहर से राजधानी की कनेक्टिविटी सीधा बना दी गई है।

अगले साल तक छपरा-हाजीपुर एनएच-31 का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। करीब 66 किलोमीटर लंबी सड़का का निर्माण कर्य 27 जनवरी 2011 में शुरू किया गया था। सड़का का निर्माण 24 जुलाई 2013 में ही पूरा होना था, लेकिन काम पूरा नहीं होने के बाद समय सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2021 कर दी गई। इसका निर्माण 575 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। एक अक्टूबर तक सड़का का निर्माण 87.48 प्रतिशत पूरा हो गया था। शेष काम अगले साल जून तक पूरा होने की उम्मीद है।

इसी तरह कोईलवर-भोजपुर एनएच-84 का निर्माण भी 2023 में पूरा होगा। फिलहाल 77 प्रतिशत निर्माण पूरा हो गया है। यह सड़क 44 किलोमीटर लंबी होगी। इसका निर्माण 4 जुलाई 2017 में शुरू हुआ था। सिमरिया-खगड़िया एनएच का निर्माण अगले साल पूरा कर लिया जाएगा। इस एनएच-31 का निर्माण 567 करोड़ रुपए से 2016 में शुरू किया गया था। सड़क की लंबाई 60 किलोमीटर है। इसका निर्माण कार्य अप्रैल 2019 में ही पूरा होना था, लेकिन नहीं हो सका।

मंझौली-चोरहट सड़का का निर्माण 31 दिसंबर को हो जाएगा पूरा
अगले महीने 31 तारीख को मंझौली-चोरहट सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। एनएच-527 सी का काम 537 करोड़ रुपए से चल रहा है। 63 किलोमीटर लंबी यह सड़क 5 नवंबर 2019 में बननी शुरू हुई थी। एक अक्टूबर तक इसका निर्माण 15 प्रतिशत बचा था। जो अगले महीने पूरा कर लिया जाएगा।

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