पटना- बक्सर फोरलेन निर्माण को लेकर सरकार का बड़ा फैसला!

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पटना: बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना बक्सर फोरलेन का निर्माण कार्य काफी दिनों से चल रहा है. इसके कार्य समापन को लेकर कई अटकले लगाईं जा रही है. साथ ही समय के साथ लोगों की भी उत्सुकता बदती जा रही है. इसी बीच बिहार सरकार ने फोरलेन के पूर्ण होने के लिए 1 जनवरी 2020 का डेटलाइन निर्धारित किया है। अर्थात निर्माण कार्य पूर्ण होने में 20 माह बचा है।

अभी इस परियोजना का हाल यह है कि निर्माण एजेंसी को जितनी जमीन चाहिए उसका आधा अधूरा ही मिल पाया है। लिहाजा जिस जमीन का मुआवजा भू- भूधरियों को मिला है उसी पार्ट में एजेंसी ने कार्य शुरू किया है। निर्माण एजेंसी को जमीन मुहैया कराने में जिला प्रशासन की सुस्ती भी निर्माण कार्य मे बाधा डाल रही है। निर्माण कार्य की जो धीमी गति है उससे साफ है कि सरकार द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण होने के लिए निर्धारित डेटलाइन पर कार्य पूरा नहीं होगा।

कोईलवर भोजपुर से लेकर भोजपुर बक्सर तक कुल 93 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण कार्य किया जाना है। इसमें से अभी तक केवल निर्माण एजेंसी को मात्र 49 किलोमीटर सड़क के लिए हीं जमीन उपलब्ध हो सकी है। आधी जमीन दर निर्धारण एवं भुगतान के बीच फंसा है। 55 गांवों की भूमि अधिग्रहण की जानी है। इसमें से अब तक केवल 38 गांवों की ही जमीन मिली है। 17 गांवों की जमीन का मामला जिला प्रशासन एवं भू- धारियों के बीच उलझा हुआ है। कोईलवर से लेकर भोजपुर तक फोरलेन के निर्माण पर 825 करोड़ व भोजपुर से लेकर बक्सर तक 681 करोड़ यानी कुल 1506 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

भोजपुर प्रशासन को भू- अर्जन के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग से कुल 145 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। प्राप्त आवंटन में से जिला प्रशासन ने जमीन मालिकों को 95 करोड़ रुपये मुआवजा का भुगतान किया है। अभी प्राप्त आवंटन में से 49 करोड़ रुपये शेष बचे हैं। भोजपुर से बक्सर तक फोरलेन निर्माण कार्य पूर्ण होने की तिथि 2024 निर्धारित की गई है। कोईलवर से बक्सर तक फोरलेन निर्माण के लिए 55 गांवों के 2095 किसानों की भूमि अधिग्रहण की जानी है। जमीन मालिकों को मुआवजा भुगतान का प्रतिशत केवल 63 प्रतिशत है।

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