राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मंगलवार शाम को रावण वध हुआ। बुराई के प्रतीक रावण और उसके बेटे और भाई को जलता देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग गांधी मैदान पहुंचे। पूरा गांधी मैदान लोगों से भर गया। रावण दहन के कार्यक्रम से बीजेपी नेताओं ने दूरी बनाकर रखी। बीजेपी के नेता गांधी मैदान नहीं पहुंचे। उनके लिए लगाई गई कुर्सियां खाली रहीं।

मंच से भगवान लक्ष्मण का रोल निभा रहे कलाकार ने पहला तीर मेघनाथ पर चलाया। तीर लगते ही मेघनाथ धूं-धूं कर जलने लगा। इसके बाद रावण के भाई कुंभकरण को भगवान राम का रोल निभा रहे कलाकार द्वारा चलाया गया तीर लगा और उसका पुतला जलने लगा। अंत में भगवान राम ने रावण को तीर मारा। तीर लगते ही रावण का पुतला जल उठा और उसमें रखे पटाखे चलने लगे। रावण के जलते ही लोग जय श्री राम…जय श्री राम के नारे लगाने लगे। 

नीतीश ने उतारी आरती 
रावण वध से पहले गांधी मैदान में रामलीला के कुछ हिस्से का मंचन हुआ। यहां भगवान हनुमान में लंका दहन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भगवान राम और लक्ष्मण की आरती उतारी और माला पहनाकर उनका स्वागत किया। 

सादगी से मना समारोह

पटना में जलजमाव से हुई परेशानी के चलते इस बार समारोह सादगी से मनाया गया। गांधी मैदान में भी जलजमाव हुआ था, जिसके चलते मैदान में नमी थी। इस नमी के चलते सोमवार को रावण का पुतला पहले झुका फिर रात में गिर गया। देर रात पुतले को फिर से खड़ा किया गया था। 

Sources:-Dainik Jagran

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