नियोजित शिक्षकों का वेतन बढ़ाएगी बिहार सरकार, पर नहीं मिलेगा समान काम-समान वेतन

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समान काम के लिये समान वेतन की मांग कर रहे बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए राहत देनेवाली खबर सामने आई है. सरकार नियोजित शिक्षकों की सैलरी बढ़ाने का मन बना चुकी है. अपने वेतन व सेवा शर्तों से संबंधित मांगों को लेकर हड़ताल (Strike) पर हैं. इस हड़ताल को लेकर सरकार के कड़े रुख के बीच मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही इशारा कर चुके हैं कि सरकार शिक्षकों का वेतन बढ़ाएगी. अब उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने भी यही बात दोहराई है.

CM नीतीश के बयान का दिया हवाला
उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान का हवाला दिया और कहा कि सरकार समान काम के बदले समान वेतनमान नहीं दे सकती है. लेकिन, नियोजित शिक्षकों का वेतन बढ़ाने को लेकर सरकार की सोच सकारातमक है. उपमुख्‍यमंत्री सह वित्तमंत्री सुशील मोदी ने मंगलवार को विधान परिषद (Bihar Legislative Council) में तृतीय अनुपूरक बजट पर सरकार के जवाब पर चर्चा के दौरान सदन को इस बारे मे  जानकारी दी.

हड़ताली शिक्षकों पर सरकार का सख्त रुख

मुख्‍यमंत्री नीतीश कमार तथा उनके बाद अब उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी की नियोजित शिक्षकों के वेतन को लेकर घाेषणा को बड़ी पहल बताया जा रहा है. दरअसल चुनावी साल में नियोजित शिक्षकों की हड़ताल धीरे धीरे सरकार के गले की फांस बनती जा रही है. इस मामले का दिलचस्प पहलू ये है कि भले ही सरकार ने हड़ताली शिक्षकों को लेकर सख्त रवैया अख्तियार किया हुआ हो, लेकिन सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं को शिक्षकों के प्रति हमदर्दी जताने से गुरेज नही है.

विपक्ष का शिक्षकों को मिल रहा समर्थन
दरअसल जिस तरीके से विपक्षी नेता  नियिजित शिक्षकों के समर्थन में उतर आये है वैसे ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए सता से जुड़े नेता शिक्षकों के खिलाफ जाने से बच रहे हैं. मंगलवार को डिप्टी सीएम के बयान के बाद जदयू से मंत्री  नीरज कुमार ने राजद पर चरवाहा विद्यालय की संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार की सरकार ही  नियोजित शिक्षकों की असली हमदर्द है और मौजूदा सीएम ही इन शिक्षकों के लिए कुछ कर पायेंगे.

चुनावी साल में शिक्षकों को मिलेगा तोहफा
वैसे इस मामले को लेकर बिगर विधान परिषद में राजद के रामचन्द्र पूर्वे से लेकर कोंग्रेस के प्रेमचन्द मिश्रा ने सरकार पर नियोजित शिक्षकों के मामले में संवेदनहीनता का आरोप लगाया और सरकारी तंत्र पर शिक्षकों के मामले में दमनात्मक कार्रवाई करने जैसी बातें कह डाली. लेकिन, अगर शिक्षकों के वेतन में  बढ़ोतरी  हुई तो चुनावी साल में सरकार का शिक्षकों को एक बड़ा तोहफा होगा.

Sources:-News18

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