बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नाराज हैं. उनकी नाराजगी देश की उन तमाम निजी कंपनियों से है जहां बिहार के श्रमिक काम करते थे और जिन्हें कोरोना संकट (Corona crisis) के समय कम्पनियों ने बेसहारा छोड़ दिया. मुख्यमंत्री ने ये नाराजगी तब जाहिर की जब क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले बिहारी श्रमिकों से बात कर रहे थे. उसी दौरान मज़दूरों के दर्द को सुन नीतीश कुमार भावुक हो गए और उन्हें आश्वासन दिया कि बिहार में उनके रोजगार और हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा. मुख्यमंत्री ने वैसी निजी कंपनियों पर नाराजगी जाहिर की जहां ये मजदूर काम करते थे. सीएम ने कहा, ‘बिहार के बाहर की निजी कंपनियों ने वहां कार्य करने वाले बिहार के प्रवासी श्रमिकों का ख्याल नहीं रखा, जबकि यह उनका दायित्व था.’

वीडियो कान्फ्रेंसिग में भावुक हुए सीएम नीतीश
वीडियो कान्फ्रेंसिग के दौरान कोई मजदूर जब अपना दर्द बयां करते तो सीएम नीतीश उनका दर्द को सुन भावुक हो जाते हैं. इसके साथ ही वे बिहार में रोजगार बढ़ाने के संकल्प को और मजबूत करते दिखते हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में बहुत काम है यहीं रहिए और काम कीजिए. सभी को अपने स्किल के अनुरूप काम मिलेगा. बिहार में कोई भूख से कोई नहीं मरता.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले लोगों से बातचीत कर रहे थे तो इसी दौरान जमुई के रहने वाले कैलाश रविदास नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि 29 मई को वे कोलकाता से आए थे. मुख्यमंत्री ने पूछा, वहां क्या करते थे. उन्होंने कहा कि 25 साल से चप्पल की फैक्ट्री में सैंडल बनाने का काम करते थे. मुख्यमंत्री ने पूछा – यहां आकर कैसा लग रहा है. कैलाश भावुक हो गए और बोले, सर यहां बड़ी राहत मिली. हम अपना दर्द भूल गए. हम लोग जहां काम करते थे वहां किसी ने नहीं पूछा.

नीतीश कुमार ये सुन थोड़े चुप हुए, फिर बोले- और कोई दिक्कत है और भी कोई बात है तो बताइए.
कैलाश ने कहा- सर हम दिव्यांग हैं. हमको राज्य सरकार की तरफ से दिव्यांग पेंशन की राशि मिलने से काफी राहत मिली है. सीएम नीतीश ने पूछा- आगे क्या विचार है. कैलाश बोले- रोजगार दिलाइए सर. अब यहां से नहीं जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा-चिंता मत कीजिए आपका पूरा ख्याल रखा जाएगा.

सीएम ने की उद्योगपतियों से अपील
बहरहाल मजदूरों के पलायन दर्द को महसूस करते हुए सीएम नीतीश बिहार के उद्योगपतियों से अपील कर रहे हैं कि बिहार में उद्योग लगाएं. सरकार हरसंभव मदद करेगी. सीएम ने कुछ ऐसे सेक्टर भी बता दिए हैं जिससे जुड़े उद्योग लगाने से बिहार में काफी फायदा होने की पूरी संभावना है. नीतीश ने बिहार के उद्योगपतियों को आह्वान किया कि बिहार में कपड़ा, जूता, बैग, फ़र्नीचर, साइकिल, फ़ूड प्रोसेंसिंग यूनिट से जुड़े उद्योगों में असीम संभावनाएं हैं.

वे कहते हैं बिहार उपभोक्ता राज्य है. बिहार में बड़ा बाज़ार है बाज़ार के जरूरत के हिसाब से बिहार के उद्योगपति बिहार में उद्योग लगाएं. सरकार पूरी मदद करेगी.

दरअसल नीतीश कुमार मानते हैं कि भागलपुर और मुंगेर में कपड़ा उद्योग ख़ासकर सिल्क उद्योग में अपार सम्भावना है. भागलपुर का सिल्क तो दुनिया भर में मशहूर है. एक समय था जब भागलपुर का निर्यात किया जाता था.इसलिए भागलपुर के सिल्क उद्योग की क्षमता को पहचान कर आगे बढ़ाने की ज़रूरत है.

Sources:-News18

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