पटना का युवक बना ISRO scientist

सच्चा हिंदुस्तानी
ISRO scientist- बिहार की भागीदारी

पटना के कंकड़बाग के रहनेवाले अमृत शांडिल्य ने अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) अहमदाबाद में ISRO scientist बनने में सफलता पाई है। अमृत के पिता उमेश कुमार सिंह जिला उद्योग केंद्र में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

फिलहाल वे सचिवालय में बैठते हैं। अमृत पटना सेंट्रल स्कूल का छात्र रहा है। उसने बताया कि बचपन से ही स्पेस साइंस में उसकी दिलचस्पी थी। अंतरिक्ष के क्षेत्र में कुछ करने की तमन्ना थी।

इसी के अनुरूप उसने कॅरियर का चयन किया। दो साल दिल्ली में रहकर तैयारी की। इसरो के लिए लिखित परीक्षा हुई थी। इसके बाद 1276 लोगों को देशभर से इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। इंटरव्यू में उसका रैंक 136 वां था। इसके बाद फाइनली उसे इस पोस्ट के लिए बुलाया गया।



अमृत शांडिल्य मूलरूप से सारण जिला के एकमा थाना क्षेत्र के अमडाढ़ी गांव का रहनेवाला है। 10वीं और 12वीं की पढ़ाई उसने पटना से की। इसके बाद बीएमआईटी बैंगलोर से B.Tech किया।





2013 में B.Tech करने के बाद उसने जॉब नहीं की। अंतत: उसका ISRO scientist बनने का सपना पूरा हुआ है। अमृत की सफलता पर उनके परिवार में खुशी है।

अमृत ने बताया कि फिजिक्स और मैथ्स शुरू से ही अच्छा लगता था। इन दोनों विषयों की पढ़ाई से ही यहां तक पहुंचा। उसने कहा कि जो स्पेस में रुचि रखते हैं वे 12वीं के बाद से ही इस ओर ध्यान देना शुरू कर दें। खासकर मैथ्स फिजिक्स पर पकड़ होनी जरूरी है।



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