अब पटना एयरपोर्ट से भी उड़ेगी इंटरनेशनल फ्लाइट, 10 हवाई जहाज खड़े हो सकेंगे एक साथ

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पटना एयरपोर्ट से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होगी। यहां नया दो मंजिला टर्मिनल भवन बनाया जाएगा। इसके के लिए आस्ट्रेलिया के मेनहर्ड कंपनी को प्रोजेक्ट कंसल्टेंट बनाया गया है। नया टर्मिनल भवन अत्याधुनिक होगा। विमान पार्किंग स्टैंड को बढ़ाकर 10 किया जाएगा।

यानी एक साथ दस विमान एयरपोर्ट पर खड़े हो सकेंगे। पहले इस भवन का निर्माण दो चरणों में होना था। मेनहर्ड के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद पूरे भवन को एक ही चरण में बनाने का निर्णय लिया गया है। नया टर्मिनल सालाना 30 लाख यात्रियों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा।

एयरपोर्ट को अपग्रेड करने के बाद यहां एक साथ दस विमानों को खड़ा किया जा सकेगा। 10 नए बोर्डिग गेट बनेंगे। वर्तमान में यहां चार फ्लाइट के पार्किंग की जगह है। इसके कारण कई बार विमानों को लैंड करने से पहले काफी देर तक हवा में चक्कर काटना पड़ता है। नया टर्मिनल भवन दो मंजिला होगा।

ग्राउंड फ्लोर से विमान से उतरने वाले यात्री बाहर निकलेंगे। जबकि प्रथम तल से यात्री विमान में सवार होंगे। यहां से सीधे फ्लाइट तक पहुंचने के लिए आधा दर्जन एरोब्रिज का निर्माण होगा। इससे यात्री धूप व बारिश से बचे रहेंगे। नए टर्मिनल भवन में प्रवेश करते ही बिहारी कला व संस्कृति की झलक दिखेगी।

यहां पटना साहिब, नालंदा विश्वविद्यालय के प्राचीन भवन के साथ ही बौद्ध कालीन संस्कृति की छटा दिखेगी। मौसम विभाग कार्यालय तक नए टर्मिनल भवन का विस्तार किया जाएगा। बिहार हैंगर की जमीन पर एयर स्टैंड बनाया जाएगा। जहां एक साथ दस विमान खड़े हो सकेंगे।

अभी जगह की कमी होने से विमान के पुश बैक में परेशानी होती है। बिहार हैंगर एयरोनॉटिक्स भवन में शिफ्ट हो जाएगा। साल के अंत तक बिहार हैंगर में 3-3 पार्किंग स्टैंड बना लिए जाएंगे। नया टर्मिनल भवन काफी आधुनिक होगा। निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो जाएगा।

वर्तमान टर्मिनल भवन की क्षमता सालाना पांच लाख यात्रियों की है। नए भवन की क्षमता सालाना लाख यात्रियों की होगी। 10 पार्किंग स्टैंड, 10 बोर्डिग गेट एवं 6 एयरोब्रिज बनाए जा रहे हैं जिससे यात्रियों को सहूलियत होगी। दो प्लेन के उतरने के समय अंतराल को कम किया जा सकेगा।

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