पासपोर्ट बनाना हुआ आसान, घर बैठे-बैठे मिनटों में होगा सारा काम, अधिकारियों की मनमानी नहीं चलेगी

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Patna: पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर अब पुलिस अधिकारी अधिक समय नहीं लगाएंगे। न ही किसी को अधिक समय का इंतजार करना होगा। अब इसके लिए सूबे में ऑन लाइन सत्यापन कार्य पुलिस स्तर से शुरू किया जा रहा है। हालांकि दरभंगा जिला में एसएसपी बाबू राम ने इसे कल यानी सोमवार 15 फरवरी से ही लागू करने को लेकर थानेदार और ओपी के अध्यक्षों को टैब मुहैया कराया गया है। उनका पासवार्ड आदि भी मुख्यालय से आना है, जबकि उनका ईमेल आईडी भी ले लिया गया है। अब इसके लिए अधिक समय लगाने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई में भी देरी नहीं लगेगी।

इस व्यवस्था के हो जाने से आम लोगों को सीधा थानेदार और ओपी के अध्यक्षों से ही बात करनी होगी न कि पूर्व की तरह उन्हें थाना और ओपी का चक्कर लगाना होगा। मालूम हो कि 38 थानों में 35 को टैब उपलब्ध करा दिया गया है जबकि एससीएसटी, महिला और ट्रैफिक थान में टैब नहीं दिया गया है। यहां यह काम नहीं होना है। पुलिस मुख्यालय से पासपोर्ट अप्लाई किए जाने का आवेदन सीधे उनके मेल पर आएगा। वह उस मेल को अपने टैब पर खोलकर फिर पासपोर्ट सत्यापन कर ओके करेंगे। हालांकि एसएसपी ऑफिस में भी एक मास्टर टैब होगा, जिससे एसएसपी भी उसे देखकर ओके कर सकेंगे।

पूर्व में पासपोर्ट सत्यापन के लिए मुख्यालय से आवेदन ही लेट से पहुंचता था। फिर यहां थाना व ओपी स्तर पर पहुंचाने में वक्त लगता था। थाना स्तर पर उसके सत्यापन के लिए टाल-मटोल किया जाता था। कुछ समय देकर आवेदक को पुन: आने को कहा जाता था। मगर अब बिना देरी किए थानाध्यक्ष सत्यापन करेंगे।

वर्तमान में 157 आवेदन लंबित पड़े हैं, जबकि लॉकडाउन में निपटा दिए गए थे 17 दिनों में
बताया जाता है कि एसएसपी के पासपोर्ट सत्यापन कार्यालय में इस वर्ष अब तक 358 आवेदन आए। इसमें से वर्तमान में सत्यापन के लिए 157 आवेदन लंबित है। बताया जाता है कि इन आवेदनों की जांच कराई जा रही है। जल्द ही इसका भी सत्यापन कर दिया जाएगा। उधर, सत्यापन कार्यालय के नोडल अधिकारी सह मुख्यालय डीएसपी सुधीर कुमार ने बताया कि सभी थाना और ओपी अध्यक्षों को पुलिस मुख्यालय पटना से मिले टैब उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब ऑनलाइन पासपोर्ट सत्यापन कार्य शुरू होगा। अब थानेदार जरूरत पड़ने पर मुख्यालय से संपर्क कर सकते हैं। वैसे यदि जरूरत पड़ी तो यहां भी जिला मुख्यालय में भी मामले का सत्यापन किया जाएगा।

2020 में आए थे 28 आवेदन सत्यापन में लगा 17 दिन समय
वर्ष 2019 में 10970 आया और इसका निष्पादन 21 दिन में पूरा कर लिया गया। वर्ष 2018 में 11142 आवेदन मिले और इसका निष्पादन 17 दिनों में हुआ। वर्ष 2017 में 10877 आवेदन मिले, जबकि सत्यापन में 47 दिन लगे। वहीं, वर्ष 2016 में 10946 मिले थे, जबकि इसके सत्यापन में 80 दिन लगे थे। 2020 में कुल 28 आवेदन आए। इसे 17 दिनों में पुलिस प्रशासन ने पूरा करा लिया। हालांकि इसके लिए 21 दिनों का समय रखा गया था।
टैब पर काम करते विवि थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश झा।

Source: Daily Bihar

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