विभिन्न क्षेत्रों में बिहारियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है और अब कॉमेडी के सबसे बड़े टीवी शो में भी एक बिहारी ने धमक के साथ एंट्री मारी है। सुनील ग्रोवर के कपिल शर्मा के कॉमेडी शो छोड़ने के बाद अब शो में एक नए कैरेक्टर की एंट्री हुई है।

रंगीन मिजाज ताऊजी के इस नए कैरेक्टकर को बिहार के गोपालगंज के बेलवां गांव के रहने वाले परितोष त्रिपाठी निभा रहे हैं। ताउजी के कैरेक्टर को लगता है कि उम्र भले ही 55 की है, लेकिन दिल बचपन का है। तभी तो ये 55 की उम्र में भी लड़कियों पर लाइन मारने में पीछे नहीं रहते।



सुनील ग्रोवर को रिप्लेस करने की बात पर परितोष त्रिपाठी कहते है की उनका करैक्टर सुनील के डॉ मशहूर गुलाटी के करैक्टर से अलग है। सुनील बड़े कलाकार हैं और उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। जहाँ तक कपिल के शो से जुड़ने की बात है वो सुनील और कपिल के विवाद से बहुत पहले ही तय हो गई थी।




बेजोड़ राइटर्स के साथ कपिल की टीम शानदार है। कपिल काफी सहयोग करते हैं और उनके शो से बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। वह कोई रोल जबरदस्ती प्ले करने के लिए नहीं कहते बल्कि चाहते हैं कि कोई नया आर्टिस्ट है तो अपने हिसाब से भी काम करे।

जानने वालों के बीच सिप्पू के नाम से मशहूर परितोष का जन्म उनके ननिहाल यूपी के देवरिया जिले के नोनापर के समीप स्थित दनउर गांव में हुआ है।प्रारंभिक पढ़ाई पैतृक गांव बेलवां स्थित प्राथमिक विद्यालय में करने के बाद प्रेस्टिज इंटर कॉलेज से 12 वीं तक की पढ़ाई की। फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी ऑनर्स करने के बाद 2009 में मुंबई विश्वविद्यालय में ड्रामा का कोर्स करने के लिए पहुंचे लेकिन वहां एडमिशन नहीं लिया।




12 वीं की पढ़ाई के दौरान थिएटर सीखने के लिए परितोष गोरखपुर जाते थे। दिल्ली में ग्रैजुएशन के दौरान थिएटर भी किया। इसके बाद मंजिल की तलाश में परितोष ने मुंबई का रुख किया। वहां रहने की बड़ी समस्या हुई तो भोजपुरी सिंगर और भाजपा नेता मनोज तिवारी ने अपने घर पर एक महीने रखा।


महीनों बाद डबिंग से 500 रुपए की पहली कमाई करने वाले परितोष ने क्राइम पेट्रोल में 2011 से लेकर 2015 तक काम किया। उन्होंने टीआरपी मामा और सुपर डांस शो के अलावा कई शोज और सेरिअल्स में भी काम किया है।



परितोष कहते हैं कि कॉमेडी करने के लिए मूड हमेशा फ्रेश रखना जरूरी है वरना कॉमेडी नहीं हो पाती। कॉमेडी करते समय सभी पर्सनल टेंशन को दिमाग से निकाल दूर करना पड़ता है नहीं तो कॉमेडी खत्म हो जाएगी। कॉमेडी करना बहुत कठिन है। यहाँ इंस्टेंट रिएक्शन होता है। काम पसंद आया तो दर्शक हँसते हैं वरना मुंह लटका लेते हैं। फिल्म और सीरियल की अपेक्षा टीवी शो करना टफ है।

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