परिसर सज कर तैयार, आपका है इंतजार; आने-जाने के लिए लग्जरी गाड़ी तो ठरहने को स्विस कॉटेज

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गजेन्द्र मोक्ष की धरती हरिहरक्षेत्र दो वर्षों तक कोरोना का कहर झेलने के बाद एक बार फिर सज-धजकर तैयार है। इसे हरिरहर नाथ मेला भी कहा जाता है। श्रद्धालुओं और सैलानियों के स्वागत की यहां जोर-शोर से तैयारी चल रही है। सोनपुर मेले को लेकर न सिर्फ जिले बल्कि अन्य जिलों से आने वाले लोगों, व्यापारियों और साधु-संतों में भी खासा उत्साह है। शुक्रवार को देवोत्थान के अवसर पर जब गाजे-बाजे और मंत्रोच्चार के बीच हरिहरक्षेत्र मेला कलश यात्रा निकली, तो गजेन्द्र मोक्ष की कथा जीवंत हो उठी। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला एशिया प्रसिद्ध सोनपुर मेला इस वर्ष सरकारी स्तर पर छह नवंबर से शुरू हो रहा है। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मेले का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद विधिवत तरीके से मेला अपनी रौ पर होगा और एक माह तक चलेगा। वैसे गैर सरकारी स्तर की बात करें तो देवोत्थान से ही मेला शुरू हो जाता है।

मेले की हृदयस्थली नखास में कृषि प्रदर्शनी, रेलग्राम, पर्यटन विभाग का मुख्य पंडाल सज रहा है। हरिहर द्वार, गाय बाजार, घोड़ा बाजार, बैल बाजार की रौनक बढ़ गई। चिड़िया बाजार में सजावट हो रही है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए साधु-संतों का आगमन शुरू हो गया है। प्रशासनिक टीम मेले को भव्य और आकर्षक लुक देने की तैयारियों में दिन-रात जुटी हुई है। मेले को लेकर न सिर्फ सारण, वैशाली, पटना, मुजफ्फरपुर बल्कि यूपी और अन्य राज्यों के लोगों के साथ ही विदेशी सैलानियों में भी खासा उत्साह है। मेले में ज्यादा से ज्यादा सैलानी पहुंच सकें, इसके लिए पर्यटन विभाग ने भी विशेष तैयारी की है। 30 स्विस कॉटेज तैयार किए गए हैं। खास बात यह है कि इन स्विस कॉटेज का रेट 2019 वाला ही रखा गया है। यही नहीं उसमें भी अग्रिम बुकिंग पर 10 फीसदी की छूट मिल रही है। वैसे तो देवोत्थान तक बैल बाजार में पहले ज्यादा बैल पहुंचते थे, लेकिन इस बार लाज घोड़ा बाजार ने ही रखी है। लगातार एक से बढ़कर एक नस्ल के घोड़ों का आना जारी है। बलिया, बक्सर, पटना, मुजफ्फरपुर, सीवान आदि जगहों से अब तक करीब 400 घोड़े पहुंच चुके हैं। किस्म-किस्म के घोड़े अपनी रफ्तार, सुन्दरता और चाल से लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। बैल बाजार में इस बार अन्य वर्षों जैसी भीड़ नहीं दिख रही। यहां की रौनक गुरुवार को जितनी बढ़नी चाहिए थी, उतनी नहीं बढ़ी। गाय बाजार का भी ऐसा ही हाल रहा। यहां सन्नाटा दिखा। बैल बाजार में सारण, भोजपुर आदि इलाकों के ही करीब 30-35 जोड़ी बैल अभी पहुंचे हैं। कार्तिक पूर्णिमा स्नान तक संख्या के बढ़ने की उम्मीद है। मेले में कई वर्षों के बाद चिड़िया बाजार लगाने की तैयारी अंतिम चरण में है। प्रतिबंधित चिड़ियों की बिक्री पर रोक रहेगी।

खास इंतजाम

● देवोत्थान पर गाजे-बाजे और मंत्रोच्चार के बीच निकली हरिहरक्षेत्र मेला कलश यात्रा

● सरकारी स्तर पर कल से शुरू हो रहा सोनपुर मेला, तेजस्वी यादव करेंगे शुभारंभ

● नखास में कृषि प्रदर्शनी, रेलग्राम, पर्यटन विभाग का मुख्य पंडाल सज रहा, घोड़ा बाजार हुआ गुलजार

कॉटेज का शुल्क

● पहले हफ्ते 6 से 12 नवम्बर तक 5400 रुपए

● दूसरे हफ्ते 13 से 19 नवम्बर तक 3600 रुपए

● तीसरे हफ्ते 20 से 26 नवम्बर तक 2250 रुपए

● अंतिम हफ्ते 27 से 7 दिसम्बर तक 1350, जीएसटी अलग से लगेगा।

मेला जाने के लिए हर आधे घंटे पर खुलेंगी बसें

सोनपुर मेला रविवार से शुरू हो रहा है। इसे देखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर प्रतिदिन हर आधे घंटे पर बसें खोली जाएंगी। पटना, छपरा व हाजीपुर से सोनपुर के लिए कुल 34 बसें हैं। बांकीपुर बस स्टैंड से 8 बसें खुलेंगी। पटना से जाने वाली सभी बसें सीएनजी होंगी। बांकीपुर, गांधी मैदान बस स्टैंड से सुबह 6 बजे से ही बसें सोनपुर के लिए मिलना शुरू हो जाएंगी। वहीं, हाजीपुर से सोनपुर जाने के लिए 14 बसें चलेंगी। छपरा से सोनपुर के लिए 12 बसें हैं। सभी बसें पटना से सोनपुर और हाजीपुर से सोनपुर के लिए तीन-तीन फेरे लगाएंगी।

पर्यटन निगम चला रहा चार गाड़ियां

मेले में पटना से जाने और वापस लाने के लिए बिहार पर्यटन विकास निगम काफी सस्ते में लग्जरी गाड़ियों की सुविधा दे रहा है। महज 251 रु. में एसी बस से यह सुविधा दी जा रही है। सैलानियों के मेला परिसर में पहुंचने पर स्विस कॉटेज में चाय के साथ स्नेक्स भी दिये जाएंगे। मेला जाने के लिए डबल डेकर एसी बस का किराया 251, ट्रेवलर का 280, विंगर का 271 रु और इटियोस का 560 रुपए प्रति व्यक्ति रखा गया है। सभी वाहन आर ब्लॉक स्थित होटल कौटिल्य विहार से दोपहर 12 बजे खुलेंगी, जो एक से दो बजे तक सोनपुर मेला पहुंचाएंगी।

रिचा के गीत व चंदन दास के गजल गूंजेगा

तीन साल बाद सोनपुर मेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। इस बार मेले में रोमांच भरने बॉलीवुड की मशहूर गायिका रिर्चा शर्मा और मशहूर गजल गायक चंदन दास भी आ रहे हैं। इनके गीतों और गजलों से मेले की फिजा गुलजार होगी। रिचा शर्मा ने माही वे…बिल्लो रानी कहो तो… चार दिनों द प्यार ओर रब्बा… जिंदगी में कोई कभी आए न रब्बा… और जोर का झटका हाय जोरों से लगा … जैसे मशहूर गाने गाए हैं। छह नवंबर को मेले के शुभारंभ की शाम ही रिर्चा शर्मा की प्रस्तुती होगी। दूसरे दिन गजल गायक चंदन दास प्रस्तुति देंगे। आयोजन बिहार पर्यटन विभाग की ओर से होगा। पर्यटकों के खानपान के लिए रेस्टोरेंट भी खोले गए हैं।

 

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