परदेस में रहने वालों को नहीं मिलेगा पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा, जानें कब बंद होगी आईडी

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दिल्ली, मुंबई, गुजरात, हरियाणा आदि शहरों औऱ परदेस में रहकर काम करने वाले बिहारियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने गांव-घर में रहना होगा। खेती करनी होगी। इस योजना में फर्जी किसानों के लिए कृषि विभाग ने तैयारी कर ली है। केन्द्र व राज्य कृषि विभाग ने सभी किसानों का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश जारी किया है। इसे लेकर जिला कृषि विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि भौतिक सत्यापन में पुरुष किसान है तो अपना और अपनी पत्नी का सत्यापन कराना होगा। वहीं,  महिला किसान है तो अपने और पति के आधार कार्ड के साथ कृषि कर्मचारियों के समक्ष उपस्थित होना पड़ेगा। इनका डेटा ऑनलाइन अपलोड होगा। जो किसान भौतिक सत्यापन में उपस्थित रहेंगे उन्हीं को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल पाएगा।

इसके लिए जिला कृषि विभाग ने जिले के सभी प्रखंडों में तैनात कृषि समन्वयक और किसान सलाहकारों को जिम्मेदारी दी है। विभाग के आदेश के आलोक में कृषि कर्मी किसानों के भौतिक सत्यापन करने में जुट गए हैं। जिला कृषि विभाग के अनुसार गोपालगंज जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दो लाख 42 हजार 813 लाभुक है। इस योजना के लाभ लेने के लिए लगभग साढ़े तीन लाख किसानों ने आवेदन किया था। जिसमें एक लाख से अधिक आवेदन की जांच अभी चल रही है।

गड़बड़ी पाई गई तो ब्याज सहित वापस करनी होगी राशि

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जांच में कई मामले सामने आए हैं। बताया जाता है कि एक ही परिवार में कई लोग इसका लाभ ले रहे हैं। जिसके बाद कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग की मानें तो अब एक परिवार में एक ही व्यक्ति इस योजना के लाभुक हो सकेंगे। भौतिक सत्यापन में परिवार के पति-पत्नी का आधार कार्ड जांच होगा। जांच के दौरान अगर दोनों लोग इस योजना के लाभ लेते पाए जाएंगे तो एक व्यक्ति को योजना की पूरी राशि ब्याज सहित वापस करनी होगी।

पति पत्नी के आधार कार्ड के साथ होंगे उपस्थित

कृषि विभाग के द्वारा शुरू किए गए भौतिक सत्यापन में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक पति पत्नी के आधार कार्ड के साथ उपस्थित होंगे। दोनों आधार कार्ड की जांच किसी कर्मी करेंगे। जांच के दौरान पति पत्नी दोनों लोग इस योजना के लाभ पाए जाएंगे तो, उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। कृषि विशेषज्ञ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि भौतिक सत्यापन के दौरान सभी लोगों के आधार कार्ड की जांच करनी है। अगर घर का मुखिया इस योजना के लाभ होंगे तो दूसरे कोई व्यक्ति को लाभ नहीं मिलेगा।

20 से 25 फीसदी कम हो जाएंगे लाभार्थी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के भौतिक सत्यापन के बाद 20 से 25 फीसदी लाभार्थियों की संख्या कम हो जाएगी। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो बहुत ऐसे किसान हैं, जो पति-पत्नी और बेटा के साथ इसका लाभ ले रहे हैं। भौतिक सत्यापन के बाद इनकी संख्या कम हो जाएगी। सरकार को राजस्व का लाभ भी होगा। इधर भौतिक सत्यापन की खबर के बाद दोहरी लाभ ले रहे किसानों में खलबली मची हुई है।

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