लोग बोल पड़े “जिय हो बबुआ” जब सांसद पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित पंचायतों को लिया गोद

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जन अधिकार पार्टी के संरक्षक सांसद पप्पू यादव ने घनश्यामपुर प्रखंड के लगमा गांव को गोद ले लिया है। इस गांव की सूरत और सीरत बदलने का काम शीघ्र शुरू होगा। गुरुवार को अपनी दरभंगा यात्र के क्रम में पप्पू यादव ने हनुमाननगर के धनुकी पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों के बीच करीब सवा लाख रुपये वितरित किया। जन अधिकार पार्टी (लो) के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने घोषणा की है कि पार्टी बा़ढ़ प्रभावित कटिहार, अररिया, किशनगंज और दरभंगा जिलों के 5-5 गांवों को गोद लेगी। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित अन्य 17 जिलों के एक-एक गांव को गोद लेकर उन गांवों में बाढ़ पीडि़तों के लिए चापाकल, कपड़ा, प्लांस्टिक और खाने की सामग्री की उपलब्धं कराएगी।

आज पटना में पत्रकार वार्ता में इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि तीन‍ जिलों कटिहार, किशनगंज और अररिया के एक-एक गांव को गोद लेकर उन गांवों में चापाकल, कपड़ा, प्लास्टिक और खाद्य सामग्री का वितरण शुरू कर दिया गया है। अन्य जिलों में भी गांवों को गोद लेकर राहत का कार्य शुरू किया जा रहा है। इन गांवों में राहत व पुनर्वास का काम पूरा होने के बाद पार्टी अन्य गांवों को गोद लेकर राहत कार्य करेगी। सांसद ने सरकारी राहत व पुनर्वास कार्यों को नाकाफी बताया और कहा कि सरकारी राहत कार्यों में लूट मची हुई है।

सांसद ने कहा कि बाढ़ प्राकृतिक नहीं, कृत्रिम आपदा है। पत्रकारों को बताया कि आपदा की इस घड़ी में जन अधिकार पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता पीड़ितों के साथ है।

बाढ़ को बुलाया जाता है। बाढ़ आने से नेता, ठेकेदार और अधिकारियों को लूटने का मौका मिलता है। उन्होंने बाढ़ के लिए दोषी मंत्री और अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा करने की मांग भी की। सांसद ने कहा कि जन अधिकार पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष करती रहेगी। उन्हों ने कहा कि फरक्का के पुननिर्माण और बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा‍ घोषित करने के लिए पार्टी 20 सितंबर से औरंगाबाद से आंदोलन की शुरुआत करेगी। इसके बाद आंदोलन को राज्यव्यापी बनाया जाएगा। दीपावली के बाद आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक मामलों में धर्म के ठेकेदारों पर अंकुश लगाने की जरूरत है। सरकार ऐसे लोगों पर कठोर से कठोर कार्रवाई कर उन्हें सजा दे। गौ रक्षा के नाम पर सामाजिक सौहार्द को बिगाडऩे का काम कर रहे हैं। कहा कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज के जूनियर डाक्टर अगर हड़ताल खत्म नहीं करते तो जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ता इनके मुंह पर कालिख पोतने का काम करेंगे।

पार्टी के जिला अध्यक्ष डा. अब्दुल सलाम उर्फ मुन्ना खां ने कहा कि पार्टी का हर एक कार्यकर्ता हर आम आवाम के लिए एक विकल्प के रूप में खड़ा रहेगा। इस दौरान सांसद महोदय के समक्ष विक्की काफिस, तबरेज जिलानी सबराज, फौसल रिहान, राहुल कुमार भारती, कुमार रौशन, जितिन कुमार, सहित दर्जनों लोगों ने पार्टी के प्रति अपना आस्था व्यक्त करते हुए सदस्यता ग्रहण किए।

इसके बाद धनुकी गांव में बाढ़ में हुई मौत को लेकर संवेदना व्यक्त की और मृतक जितेंद्र के परिजनों को 5000 रुपये की आर्थिक मदद की। बाढ़ पीड़ितों से मिलकर लौटते समय पटोरी बसंत गांव में रोड पर रह रहे बाढ़ पीड़ितों को स्वच्छ पानी पीने को लेकर चापाकल गड़वाने हेतु 5000 रुपये की आर्थिक मदद की।

श्री यादव ने पटना में दशहरा फेस्टिवल पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के 21 जिले बाढ़ से त्रस्त हैं और राज्य सरकार पटना में उत्सव मनाएगी। इस पर करोड़ों रुपये व्यय करेगी। यह बिहार में ही संभव है कि एक ओर जहां आधा बिहार बाढ से त्राहिमाम कर रहा हो। देश भर से राहत और दान मिल रहे हो। वहां सिर्फ़ पटना में करोड़ों खर्च कर 21 दिनों का जलसा किया जा रहा हो। क्या यह राज्य की जनता से मजाक नहीं। पटना का दशहरा अपने शास्त्रीय संगीत प्रेम के लिए विख्यात रहा है, लेकिन सरकार के स्तर दशहरा की परंपरा को पुनर्जीवित करने के नाम पर फूहडता की पराकाष्ठा दिख रही है।

सिर्फ आगटम नंबर और रीमिक्स के कलाकारों को बुलाकर सरकार कौन सी संस्कृति को प्रोत्साहित करना चाहती है। हद तो यह है इसी आयोजन मे भोजपुरी अवार्ड नाइट भी है। क्या कोई बतायेंगे किस आधार पर अवार्ड दिए जाएंगे। कौन से एक्सपर्ट की राय से ये अवार्ड तय हुए हैं।  सरकार द्वारा दिए जाने वाले अवार्ड को तमाशा नहीं बनाया जा सकता, इससे भोजपुरी सिनेमा और सरकार दोनों की प्रतिष्ठा धूमिल होगी। यह दुर्भाग्य्पूर्ण है।

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