पाकिस्तानी महिला के जाल में फंसे युवक ने एजेंट को भेजीं खुफिया सूचनाएं, NIA करेगी जांच

खबरें बिहार की

मुजफ्फरपुर में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला एजेंट के हनीट्रैप में फंसकर देश की खुफिया जानकारी देने का मामला सामने आया है। देश के रक्षा मंत्रालय से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तानी एजेंट को देने के इस मामले में पुलिस ने यहां एक शख्स को गिरफ्तार किया है। उसके पास मोबाइल व एक मेमोरी कार्ड जब्त किया गया है। साथ ही जानकारी मिली है कि गिरफ्तार हुए शख्स के खाते में बड़ी रकम का ऑनलाइन भुगतान हुआ है।

टैंक, तोप व अन्य रक्षा उपकरणों की तस्वीरें बेचीं

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की महिला एजेंट को प्रतिबंधित एवं गोपनीय दस्तावेज बेचने के आरोप में पुलिस ने कटरा निबंधन कार्यालय के लिपिक रवि चौरसिया (28) को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। रक्षा मंत्रालय के अवाडी (चेन्नई) स्थित भारी वाहन निर्माण कारखाना (एचयूएफ) में लिपिक पद पर रहते हुए उसने छद्म नामधारी सान्वी शर्मा को टैंक, तोप व अन्य रक्षा उपकरणों की तस्वीरें बेची थीं।

वह मुंगेर जिला के ईस्ट कॉलोनी जमालपुर थाना क्षेत्र के नयागांव विषहरी स्थान का रहने वाला है। उसके पास से दो डेबिट कार्ड, दो क्रेडिट कार्ड, एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक मोबाइल व नौ सौ रुपये जब्त किए गए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। कटरा थानाध्यक्ष ललित कुमार की ओर से उसके विरुद्ध ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट 1923 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

शुक्रवार को उसे न्यायिक दंडाधिकारी नेहा त्रिपाठी के कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसकी जानकारी वरीय पुलिस अधीक्षक जयंतकांत ने शुक्रवार की शाम अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई।

इंटरनेट मीडिया से आया था सान्वी के संपर्क में

रवि चौरसिया ने पुलिस को बताया कि वह चेन्नई में भारी वाहन कारखाना में वर्ष 2018 से अगस्त 2022 तक लिपिक पद पर कार्यरत था। चेन्नई में रहते हुए इंटनेट मीडिया के माध्यम से आईएसआई की महिला हैंडलर सान्वी शर्मा के संपर्क में आया। सान्वी ने रवि को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। वह व्हाट्सएप के माध्यम से उससे बात करने लगी। सान्वी ने उसे झांसा देकर बताया कि वह रक्षा मंत्रालय में नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है।

वह रक्षा मंत्रालय के संबंध में जानकारी लेना चाह रही थी। इसके बदले सान्वी ने उसे रुपया देने की पेशकश भी की। रुपये के लोभ और प्रेम जाल में वह फंस गया। उसकी ड्यूटी कंप्यूटर पर थी। विभागीय चिट्ठियां उसी के माध्यम से गुजरती थीं। चिट्ठियों एवं दस्तावेज को मोबाइल में लेकर व्हाट्सएप से भेजे। टैंक, तोप एवं अन्य रक्षा उपकरणों से संबंधित गोपनीय यांत्रिक जानकारियों की मोबाइल से तस्वीर खींचकर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सान्वी को उपलब्ध कराता था।

इसके बदले सान्वी ने उसके खाता में 80 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे थे। इसके बाद रवि बिहार कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में उतीर्ण हुआ। इस आधार पर उसे सितंबर में कटरा के रजिस्ट्री आफिस में लिपिक पद की नौकरी मिली, तो वह चेन्नई से कटरा चला आया।

मोबाइल में मिली राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न करने वालीं सूचनाएं

रवि चौरसिया के मोबाइल के मेमोरी कार्ड व गैलरी में राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न करने वाली कई प्रतिबंधित, गोपनीय व संवेदनशील सूचनाएं मिली हैं। मोबाइल की जांच में यह बात सामने आई है कि वह अब भी आईएसआई एजेंट सान्वी शर्मा के संपर्क में था। दोनों के बीच नियमित बातचीत हो रही थी। कटरा थानाध्यक्ष ललित कुमार ने बताया कि कोर्ट की अनुमति लेकर जब्त की गई सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।

मुख्यालय स्तर से मिले इनपुट पर कटरा से पकड़ा गया रवि

कटरा के रजिस्ट्री कार्यालय में कार्यरत रवि की शादी इसी साल 28 नवंबर को भागलपुर की नेहा चौरसिया से हुई। कटरा में वह अकेले रह रहा था। उसके विरुद्ध रक्षा मंत्रालय व पुलिस मुख्यालय से इनपुट मिला था। इसके आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक ने कटरा थानाध्यक्ष ललित कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की। इस टीम में हवलदार जितेंद्र कुमार, सिपाही सुमित कुमार सिंह व वीरेंद्र कुमार झा शामिल थे। इस टीम ने छापेमारी कर कटरा से रवि को गिरफ्तार कर लिया।

खुफिया एजेंसी सक्रिय, एनआईए कर सकती है जांच

देश की रक्षा से जुड़ी संवेदनशील गोपनीय जानकारियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की एजेंट को बेचने का मामला सामने आने पर देश की खुफिया एजेंसी सक्रिय हो गई हैं। रवि से आईबी के अधिकारियों ने पूछताछ की है। रॉ भी उससे पूछताछ कर सकती है। इस मामले की जांच एनआईए से भी कराई जा सकती है। कराए जाने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.