पैसे दीजिये और फर्जी सर्टिफिकेट लीजिये… खिलाड़ी होने का फर्जी प्रमाण पत्र पैसे लेकर देने का ‘खेल’; खुलासे के बाद मचा हड़कंप

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बिहार के तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय की स्पोर्ट्स काउंसिल के फर्जी लेटरपैड का इस्तेमाल कर सेवानिवृत्त हो चुके पूर्व सचिव के दस्तखत-मुहर के साथ खिलाड़ी होने का फर्जी प्रमाण-पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। इस बात का खुलासा भी तब हुआ जब प्रमाण-पत्र पाने वाले एक खिलाड़ी ने इसकी सत्यता की पुष्ट के लिए पूर्व सचिव डॉ. सदानंद झा से संपर्क किया। छात्र ने अपना प्रमाण पत्र साझा करते हुए डॉ. झा से इसकी पुष्टि करने को कहा तो वह चौंक पड़े। डॉ. झा जून, 2020 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। प्रमाण पत्र फरवरी, 2021 में उदयपुर में हुई अंतर विवि कबड्डी प्रतियोगिता के आधार पर जारी किया गया है। इतना ही नहीं, भागलपुर विवि की कबड्डी टीम ने कभी भी ऑल इंडिया अंतर विवि कबड्डी में भाग भी नहीं लिया है। एक साथ कई झूठ मिलाकर तैयार प्रमाण पत्र की खबर फैलने से विवि में सनसनी मची है।

पूर्व खेल सचिव ने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि जब फोन करने वाले छात्र से उन्होंने प्रमाणपत्र मिलने के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि 50 लड़कों को इस तरह के प्रमाणपत्र 10 से 20 हजार में मिल रहे हैं। प्रमाणपत्र देने वाले का नाम उन्होंने पूछा तो लड़के ने फोन रख दिया। डॉ. झा कहते हैं कि यह भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़े का गंभीर मामला है। इससे विवि की साख खराब हो रही है। विवि प्रशासन तत्काल कार्रवाई इस नेटवर्क कर शिकंजा कसे। इस मसले पर विवि के प्रभारी कुलपति डॉ. हनुमान प्रसाद पांडेय ने कहा कि मामला गंभीर है। अगर किसी भी स्तर से यह चूक हुई तो जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नौकरी में सर्टिफिकेट को काफी वरीयता

ऑल इंडिया अंतर विवि खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को नौकरी में वरीयता दी जाती है। स्पोर्ट्स कोटे से चयन के अलावा सामान्य चयन में भी अंतर विवि क्षेत्रीय खेल प्रतियोगिता से ज्यादा अखिल भारतीय अंतर विवि खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को छूट दी जाती है। किसी भी विवि के अखिल भारतीय अंतर विवि में खेलना सौभाग्य का विषय होता है। जोनल प्रतियोगिता में विजेता व उपविजेता टीम को ही प्राय: ऑल इंडिया प्रतियोगिता में क्वालिफिकेशन मिलता है। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए काफी प्रतष्ठिापूर्ण होता है।

लेटपैड की हूबबू नकल

छात्र को जो प्रमाण पत्र मिला है, वह विवि स्पोर्ट्स काउंसिल के लेटर पैड की हूबहू नकल है। प्रमाणपत्र पर पूर्व खेल सचिव डॉ. सदानंद झा के अलावा काउंसिल के कार्यालय सहायक का हस्ताक्षर व मुहर है। प्रमाणपत्र पर पत्रांक संख्या भी दर्ज है। इसमें टीएनबी के इंटर के छात्र को 21-28 फरवरी, 2021 तक राजस्थान के उदयपुर स्थित जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ विवि,उदयपुर में आयोजित ऑल इंडिया अंतर विवि कबड्डी (पुरुष) प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अभप्रिमाणित किया गया है। विवि के मौजूदा खेल सचिव प्रो. सुनील कुमार सिंह अभी निजी कारणों से अवकाश पर हैं। इस बात की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि छुट्टी से वापस आऊंगा तो इस मामले की जांच करूंगा। जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। डीएसडब्ल्यू प्रो. रामप्रवेश सिंह ने इस सूचना पर कहा कि ऐसा संभव नहीं है। अगर इस तरह के मामले में किसी की संलिप्तता पायी जाती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया अपनायी जाएगी।

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