रातोंरात बिहार के किसान होंगे मालामाल, CM नीतीश कुमार ने लिया बड़ा फैसला

खबरें बिहार की

Patna: बिहार देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने अलग से इथेनॉल नीति बनाने का फैसला किया है. मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने बजट सत्र के दौरान कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार में खास नीती बनेगी. ऐसी नीति बनाने वाला बिहार देश का पहला राज्य है.

दरअसल, बिहार में खासकर उत्‍तर बिहार में बड़े पैमाने पर गन्ना का उत्पादन होता है. कुछ चीनी मिल भी हैं, लेकिन जितनी चीनी मिल की जरूरत है उतनी चीनी मिलें बिहार में फ़िलहाल नहीं चल रही हैं. बंद पड़े चीनी मिल की जमीन का उपयोग बिहार सरकार इथेनॉल की फैक्ट्री लगाने में करेगी. इसी बहाने चीनी मिलों के दिन भी बदलेंगे.

इथेनॉल फैक्ट्री खुलने से बड़े पैमाने पर गन्ने की मांग बढ़ेगी जिससे गन्ना किसानों को भी बड़ा फ़ायदा मिलने की उम्मीद है. साथ ही गन्ने और मक्के से इथेनॉल का उत्पादन भी खूब होने की उम्मीद बिहार सरकार को है. नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि इथेनॉल के उत्पादन में छूट दी जाएगी. बिहार में इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति पर मुहर लगाते समय यह भी फैसला लिया गया कि इथेनॉल उत्पादन या उद्योग लगाने पर सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जाएगी.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी बिहार सरकार से आग्रह किया था कि बिहार में इथेनॉल उत्पादन की व्‍यापक सम्भावना है. बिहार सरकार जितना भी इथेनॉल उत्पादन करती है वो सारा केंद्र सरकार खरीद लेगी. इसके बाद से बिहार सरकार भी हरकत में आई और केंद्र की सरकार ने भी इथेनॉल उत्पादन की हरी झंडी बिहार को दे दी. इसके पहले 2006 में भी नीतीश कुमार ने तत्कालीन UPA की सरकार से बिहार में इथेनॉल उत्पादन के लिए 21000 करोड़ के निवेश के लिए मंज़ूरी मांगी थी. दावा है कि उस वक्‍त कई निवेशकों ने बिहार में निवेश के लिए रजामंदी मांगी थी, लेकिन तब केंद्र की सरकार ने मंजूरी नहीं दी थी. इतने सालों के बाद आखिरकार केंद्र की मोदी सरकार ने मंजूरी दे दी और बिहार सरकार ने भी इथेनॉल नीति बनाकर बड़े निवेश के रास्ते खोल दिए हैं.

Source: Daily Bihar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *