ऑपरेशन और डिलीवरी के नाम पर 7 महिलाओं का गर्भाशय निकाला, अस्पताल संचालक मरीजों को लेकर भागा

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बिहार में अस्पताल में फर्जी तरीके से किडनी निकाले जाने का मामला अभी तक ठंडा नहीं पड़ा और अब कम उम्र की महिलाओं का गर्भाशय निकाले जाने की खबर आई है। मामला पश्चिमी चंपारण जिले के रामनगर का है। यहां एक नर्सिंग होम में ऑपरेशन और डिलीवरी के नाम पर 22 से 35 साल की उम्र की 7 महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने का खुलासा हुआ है। अस्पताल को सील कर दिया गया है। संचालक दर्जनभर मरीजों को लेकर फरार हो गया।

जानकारी के मुताबिक रामनगर के दुर्गानगर स्थित ओम साई नर्सिंग होम में महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने का भंडाफोड़ हुआ। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सूचना पर गठित टीम ने सोमवार को छापेमारी कर 22 से 35 वर्ष के उम्र की 7 महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने का खुलासा किया। छापेमारी के लिए टीम के पहुंचते ही अस्पताल संचालक कुछ मरीजों को लेकर फरार हो गया।

अस्पताल में टीम को 22 से 35 साल की उम्र की सात महिलाएं भर्ती मिलीं। सभी का गर्भाशय निकाला गया था। अपेंडिक्स और पथरी के ऑपरेशन के एक-एक मरीज भी भर्ती थे। दो महिलाओं का ऑपरेशन कर डिलीवरी कराई गई थी। सभी को जीएमसीएच में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। बगहा एसडीएम डॉ. अनुपमा सिंह व सीएस डॉ. वीरेंद्र कुमार चौधरी द्वारा गठित टीम में रामनगर पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रभूषण सिंह के अलावा बीडीओ चंद्रगुप्त कुमार बैठा, सीओ विनोद कुमार मिश्रा व थानाध्यक्ष अनंत राम शामिल रहे।

सीएस को रामनगर में आठ-नौ फर्जी नर्सिंग होम की सूचना मिली थी। इसके बाद पीएचसी प्रभारी को छापेमारी का निर्देश दिया गया था। सभी फर्जी नर्सिंग होम को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

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