मेहनत के दम पर बिहार की बेटियां लहरा रही है सफलता की परचम, बेटों पर भारी है आधी आबादी

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पटना: बिहार की बेटियों के लिए यह कोई जुमला नही बल्कि बेटियों ने इसे सही साबित कर दिखाया है। बिहार की बेटियों ने पढ़ाई को अपने जीवन का मकसद बना लिया है। तभी तो हर साल स्कील की ओर बेटों से ज्यादा बेटियों के कदम बढ़ रहे हैं। हर साल बेटों से ज्यादा बेटियां स्कूल जा रही हैं।अगर पिछले कई सालों के आकड़ें को देखें तो पूरे राज्य भर में पहली से आठवीं वर्ग तक बेटों से ज्यादा बेटियों ने नामांकन लिया है ।

मिली जानकारी के अनुसार इनमें सबसे उपरी रैंक पर पूर्वी चंपारण है। पूर्वी चंपारण में पांच लाख से ज्यादा बेटियां स्कूल जा रही हैं।सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार पहली से आठवीं तक सत्र 2012-13 से2016-17 तक बेटों से ज्यादा बेटियों ने स्कूल में नामांकन लिया है। यह स्थिति सिर्फ पूर्वी चंपारण की नही है।पूरे प्रदेश की कमोवेश यहीं स्थिति है ।स्कूलों में बेटों से ज्यादा बेटियों की उपस्थिति भी होती है। बेटे तो स्कील बंक करते हैं लेकिन बेटियां कभी स्कूल बंक नहीं करती हैं।

सरकार ने बेटियों की शिक्षा के प्रति रुझान को बढ़ाने के लिए कई योंजनाएं चला रखी है । पटना के डीपीओ ललित कुमार ने बताया कि बेटों से ज्यादा बेटियों ने स्कूल में नामांकन लिया है । स्कूलों में बेटों से ज्यादा बेटियों की उपस्थिति होती है। बेटियों का नामांकन दर हर साल बढ़ रही है।अधिक तर स्कूलों में बेटियां काफी जागरुक है।यह एक सुखद समाचार है।आने वाले समय में बिहार की बेटियां अपनी उपस्थिति पर क्षेत्र में दर्ज करेंगी।

Source: Live Bihar

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