अफगानी स्टार राशिद खान की फिरकी और बल्लेबाज़ी के आगे केकेआर की पूरी टीम पस्त होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई. बीती रात कोलकाता के ईडन गार्डेन्स मैदान पर सनराइज़र्स हैदराबाद ने केकेआर को 13 रनों से हराकर फाइनल में जगह पक्की की.

हैदराबाद ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए राशिद खान की 10 गेंदों पर 34 रनों की पारी की मदद से 174 रन बनाए. जिसके जवाब में केकेआर की टीम 20 ओवरों में 161 रन ही बना सकी.

कोलकाता से इस मुकाबले का पूरा श्रेय हैदराबाद के हीरो राशिद खान को जाता है जिन्होंने 4 ओवरों के स्पेल में महज़ 19 रन देकर 3 विकेट चटकाए. जबकि बल्ले से भी अहम 34 रनों की पारी खेल.

राशिद खान के बेहतरीन स्पेल की वजह से हैदराबाद की टीम ने हाथ से निकलते हुए मैच को अपनी झोली में डाल लिया. उन्होंने केकेआर टीम के तीन सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ रॉबिन उथप्पा, क्रिस लिन और आंद्रे रसेल के विकेट चटकाए.

सिर्फ बल्ले और गेंद से ही नहीं बल्कि फील्डिंग में भी राशिद ने अपना कमाल दिखाया और नितिश राणा को रन-आउट करने के अलावा उन्होंने दो अहम कैच भी पकड़े.

राशिद के इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत में उनके फैंस ने सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ की. इतना ही नहीं फैंस ने उनके भारत के लिए खेलने की इच्छा भी ज़ाहिर कर दी.

आईपीएल में लगातार दूसरे साल बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से सोशल मीडिया पर फैंस राशिद खान के लिए भारत की नागरिकता की भी मांग कर रहे हैं.

कई लोगों के ट्वीट्स के बाद खुद सुषमा स्वराज ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘किसी भी विदेशी नागरिक को भारत की नागरिकता देने का मामला गृह मंत्रालय देखता है.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने सभी ट्वीट्स देखे. नागरिकता का मामले की देखरेख गृह मंत्रालय करता है.’

दरअसल राशिद खान सिर्फ एक क्रिकेट के रूप में ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान की पहचान के रूप में दुनियाभर में जाने जाने लगे हैं. जिसके बाद अफगानिस्तान की ओर से भी इस मामले में तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिली.

इस पूरे मामले को देख अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घनी ने पीएम मोदी को ट्वीट कर लिखा, ‘अफगानिस्तान को अपने हीरो पर गर्व है. मैं भारतीय दोस्तों का अफगानी खिलाड़ियों को अपने खेल का जौहर दिखाने के लिए इतना बड़ा प्लेटफॉर्म देने के लिए आभारी हूं. वह क्रिकेट वर्ल्ड के लिए एक संपत्ति हैं. हम उन्हें (राशिद खान को) जाने (किसी और देश के लिए नहीं खेलने देंगे) नहीं देंगे.

 

 

ये बात हुई फैंस के रिएक्शन और उस पर दोनों देशों की प्रतिक्रियाओं की लेकिन क्रिकेट की सबसे बड़ी संस्था आईसीसी भी उन्हें भारत की नागरिकता लेने की आज़ादी नहीं देती है.

आईसीसी किसी भी ऐसे खिलाड़ी को चार सालों तक दूसरे देश के लिए खेलने नहीं देता अगर उसने अंडर 19, उससे ऊपर के या फिर किसी भी आईसीसी के द्वारा मान्यता प्राप्त मैच में हिस्सा लिया हो.

भले ही राशिद खान भारत के लिए नहीं खेल पाएं लेकिन वो अगले महीने ही अपने देश के डेब्यू टेस्ट में भारत के खिलाफ खेलते नजर आएंगे.

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