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अभी-अभीः बीजेपी विरोधी महारैली कर फंसे लालू, आयकर विभाग ने मांगा रैली का हिसाब

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27 अगस्त को पटना के गांधी मैदान में आयोजित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रैली आयकर विभाग के रडार पर आ गया है। रैली में हुए खर्चों को आयकर विभाग के TDS शाखा ने राजद को नोटिश भेजा है। आयकर विभाग ने राजद से खर्चे को लेकर कई सवाल पूछे हैं। रैली में हुए खर्च के पैसे किसने दिए? रैली में आए वीआईपी गेस्ट को होटल में किसने ठहराया?
इस रैली में गैर एनडीए दलों के नेताओं का जुटान हुआ था। इस रैली मे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद, समाजवादी पार्टी से यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, जदयू से बागी सांसद शरद यादव और अली अनवर सहित गैर एनडीए दलों के प्रतिनिधी हिस्सा लिए थे।

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आयकर विभाग द्वारा रैली का हिसाब मांगने को लेकर राजद प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि ये तो कमाल हो गया। आयकर विभाग ने कभी मोदी जी की रैली का हिसाब नहीं मांगा। उन्होंने आयकर विभाग से प्रार्थना करते हुए कहा कि आईटी को एक बार मोदी जी की रैली का भी हिसाब मांगना चाहिए। वहीं इस मामले को लेकर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि 27 अगस्त की राजद की रैली में गरीबों को नेताओं को 10 हजार के कमरे में ठहराया गया था।
गौरतलब है कि राजद ने बीजेपी के खिलाफ सभी 17 विपक्षी पार्टियों को एक साथ लाने के लिए पटना के गांधी मैदान में 27 अगस्त को महारैली का आयोजन किया था। इस रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उत्तर प्रदेश के पुर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत कई अन्य नेता शामिल हुए थे। 27 अगस्त को रैली करने का निर्णय राजद ने बिहार में नीतीश के नेतृत्व में चल रही महागठबंधन की सरकार के समय ही लिया था। मगर रैली से पहले ही नीतीश कुमार ने महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया और बिहार में एनडीए की सरकार बना ली।

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