note-bandi-nash-bandee-sharaab-bandee

नोट बंदी, नस बंदी, शराब बंदी के प्रभाव : भारत के ऐतिहासिक कानून

इतिहास

नोट बंदी क्या है, अब बच्चे इतिहास में पढ़ेंगे ! 8 नवंबर 2016 कि आधी रात से यह नोट बंदी का कानून पूरे भारत में लागू हुआ था! जिसमें 500 और 1000 के नोट को बंद करने का फैसला लिया गया था यह घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने लिया था ! काला धन, जाली नोट और बेनामी संपत्ति पर लगाम लगाने के लिए यह फैसला लिया गया था और भारतीय जनता से कहा गया था कि वह अपने 500 और 1000 के नोट बैंकों या डाकघरों से बदलवा सकते हैं जिस की अवधि 30 दिसंबर 2016 रखी गई थी ! जबकि बाकी नोट वेद तरीके से चल रहे थे!

भारतीय समाज पर नोट बंदी के प्रभाव

अचानक नोट बंदी कि घोषणा से मानो की पूरा भारत रुक सा गया है इसका प्रभाव हर भारतीय पर पड़ा! लोगों की लंबी कतार बैंकों के आगे देखी गई है जिसमें लोग पुराने रुपए को जमा करने और नए रुपए को लेने की कोशिश में खड़े दिखें जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत भी हुई !

काले धन वालों में खलबली सी मच गई लोग विभिन्न तरीके से अपने काले धन को छुपाने की कोशिश करने लगे, भारतीय इनकम टैक्स अधिकारी भी चौकन्ना हो गए और कई को कालेधन के आरोप में गिरफ्तार किया गया !

इस दौरान भारतीय समाज कैशलेस अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ता दिखा जिसमें लोग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करना शुरू किया ! सबसे ज्यादा परेशानी गांव में रहने वाले लोगों को हुई क्योंकि वहां पर लोगों को इंटरनेट या कंप्यूटर का इस्तेमाल करना नहीं आता था !

नसबंदी

नसबंदी क्या है, यह एक सर्जरी-कल प्रक्रिया है जिसमें पुरुष या महिला का स्पर्म या अंडा ट्रांसफर करने वाली नली को काट दी जाती है और उससे बांध दिया जाता है जिससे महिला या पुरुष माता पिता नहीं बन सकते ! विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुष की नसबंदी आसान होती है जबकि महिलाओं की नसबंदी के लिए लंबे समय तक हॉस्पिटल में रहना होता है !

भारत को विश्व बैंक, स्वीडिश इंटरनेशनल डेवेलपमेंट अथॉरिटी और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष से 1970 के दशक में जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए है अरबों डॉलर का कर्ज मिला था और उस समय भारत की जनसंख्या वृद्धि चरम पर थी ! 1975 में आपातकाल की घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कि थी !

नसबंदी का कानून उसी समय लागू किया गया  जिसमें पुरुषों को उग्र तरीके से नसबंदी किया जाता था!  जिसमें डॉक्टरों को टारगेट दिया जाता था कि आपको इतने लोगों को नसबंदी करना है जिसमें कुछ गलतियां भी होती थी उस दौरान 2000 लोगों की मौत हुई थी !

नसबंदी के भारतीय समाज पर प्रभाव

शुरूआती दिनों में भारतीय पुरुषो में भाडी़ विरोध दिखा और लोग बच्चे-बचाते दिखें ! इस का खामियाजा श्रीमती इंद्रा गांधी को इलेक्शन में उठाना पड़ा ! लेकिन लोगों में जनसंख्या वृद्धि को लेकर जागरुकता बड़ी और जनसंख्या वृद्धि को थोड़ा लगाम लगा !

शराब बंदी

शराब बंदी क्या है, यह कड़े प्रावधानों में से एक है जिसमें शराब पीना या उस का उत्पादन करना बिहार में गैर कानूनी बना दिया गया था ! बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधेयक, 2016 में पारित हुआ था, जिसमें कड़े सजा का प्रावधान था !  तत्कालीन बिहार मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार इस कानून को लागू करवाने में पुलिस बल का भारी सहयोग लिया था !

बिहार के समाज पर शराब बंदी के प्रभाव

शुरूआती दिनों में शराब पीने वाले ने उसका भाई विरोध किया, कई लोग बीमार हो कर हॉस्पिटल भी पहुंच गए क्योंकि उसे शराब पीने की आदत सी पड़ गई थी! शराब नहीं पीने वाले लोग ने इस फैसले को सराखों पर लिया और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की वाह-वाही हुई !  कुछ ही दिनों में देखा गया कि बिहार में अपराध का ग्राफ नीचे आने लगा! लेकिन सरकार को राजस्व की भारी कमी होने लगी, इस राजस्व को प्राप्त करने के लिए सरकार ने अलग अलग प्रकार के टैक्स विभिन्न उत्पादों पर लगा दिया गया!

हमारी सरकारें कुछ कड़े फैसले लेते हैं जिससे कि भारत का निर्माण हो, तत्कालीन ये फैसले फैसले हमें अच्छा नहीं लगता लेकिन कुछ समय बाद अच्छे परिणाम आने लगते हैं  ! उम्मीद कर सकते हैं कि भविष्य में नोट बंदी से भी अच्छे परिणाम आ सकते हैं जैसे नसबंदी से जनसंख्या वृद्धि पर लगाम लगा और शराब बंदी से बिहार में कानून व्यवस्था सुधर गई  !

Leave a Reply

Your email address will not be published.